कानपुर:कुशवाहा मौर्य शाक्य सैनी समाज का शोषण रोकने को कानपुर मंडल में नई पहल, पंचशील झंडे के नीचे होगा संगठनात्मक विस्तार

कानपुर:(द दस्तक 24 न्यूज़)29 जून 2025 कुशवाहा मौर्य शाक्य सैनी कल्याण एसोसिएशन की महत्वपूर्ण बैठक कानपुर के सिविल लाइंस स्थित लट्ठे वाली कोठी में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव एवं कानपुर मंडल प्रभारी स्वतंत्र कुमार सिंह ने की, जबकि बैठक की मेज़बानी समाजसेविका केतकी कुशवाहा ने की।

इस दौरान एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरीश चंद्र कुशवाहा ने कहा कि समाज के कुछ नेता अपना एवं अपने परिवार का विकास करने के लिए पूरे समाज को राजनीतिक दलों के सामने गिरवी रख चुके हैं। उन्होंने चेताया कि ऐसे नेता समाज के वास्तविक मुद्दों से मुंह मोड़ कर केवल सत्ता सुख की लालसा में लगे हैं। समाज के शोषण व उत्पीड़न पर कोई गंभीर कदम नहीं उठाया जा रहा है।

राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक एकजुटता की अपील

बैठक में स्वतंत्र कुमार सिंह ने कहा कि कानपुर मंडल के सभी ज़िलों—फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, औरैया, कानपुर देहात और कानपुर नगर—में पंचशील झंडे के नीचे समाज को एकजुट किया जाएगा। समाज के अधिवक्ता, डॉक्टर, पत्रकार, व्यापारी, व प्रबुद्ध वर्ग को इसमें आगे आकर नेतृत्व करना होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही मंडल स्तर पर जिला अध्यक्षों की घोषणा की जाएगी और समाज के उत्पीड़न के खिलाफ राजधानी तक संघर्ष किया जाएगा।

राजनीतिक दलों को देना होगा जवाब

महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी केतकी कुशवाहा ने कहा कि समाज का उत्पीड़न तभी रुकेगा जब समाज के लोग पंचशील झंडे के नीचे एकजुट होकर राजनीतिक दलों से जवाब मांगें। उन्होंने सुझाव दिया कि जब तक कोई राजनीतिक दल समाज के हित में संकल्प नहीं लेता, तब तक उसका बहिष्कार किया जाए।

भाजपा शासन में बढ़ा उत्पीड़न: धर्मवीर सिंह शाक्य

बैठक में फर्रुखाबाद से उपस्थित समाजसेवी धर्मवीर सिंह शाक्य ने कहा कि वर्तमान भाजपा शासनकाल में समाज का जितना शोषण हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वोट देने से पहले समाज को गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए कि कौन-सा दल उनके हित में कार्य कर रहा है, और जो नेता समाज के दुःख-दर्द में भागीदार नहीं बनते, उनका सार्वजनिक बहिष्कार होना चाहिए।

निष्कर्ष:

बैठक के अंत में यह संकल्प लिया गया कि कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी समाज का संगठनात्मक ढांचा कानपुर मंडल के ज़िलों में शीघ्र ही तैयार किया जाएगा और पंचशील झंडे के नीचे सामाजिक न्याय की लड़ाई को तेज किया जाएगा।