Tuesday, 03 November 2026 | 9:08 PM
उत्तर प्रदेश

329 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 87 पर छापेमारी; 21 लाख का घी सीज

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329 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 87 पर छापेमारी; 21 लाख का घी सीज
 

27 नमूने मानकों पर फेल, खराब पनीर और आटा-मैदा भी कराया गया नष्ट; खाद्य सुरक्षा विभाग की मिलावटखोरों पर कार्रवाई

कासगंज। जनपद में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 28 अक्टूबर तक विभागीय टीमों ने 329 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया, जबकि संदेह और शिकायत के आधार पर 87 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर 118 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे। इनमें से प्राप्त 70 जांच रिपोर्टों में 27 नमूने मानकों के विपरीत पाए गए। कार्रवाई के आंकड़े बताते हैं कि बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं।

विभागीय कार्रवाई के दौरान 41 खाद्य कारोबारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किए गए। इनमें से 15 मामलों का निस्तारण हुआ, जिसमें संबंधित कारोबारियों पर कुल 1 लाख 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं निरीक्षण में कमियां मिलने पर 10 खाद्य कारोबारियों को सुधार सूचना जारी की गई।

21 लाख रुपये से अधिक का घी सीज

मिलावटखोरी के खिलाफ 9 अक्टूबर को राज्य सचल दल ने जनपद के विभिन्न घी प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई करते हुए 17 नमूने संग्रहित किए। जांच रिपोर्ट आने तक 3511 लीटर घी सीज कर दिया गया। सीज किए गए घी की अनुमानित कीमत करीब 21 लाख 6 हजार 600 रुपये बताई गई है। इसके अलावा जिला न्यायालय की कैंटीन पर छापेमारी कर चार नमूने लिए गए और 500 किलोग्राम आटा व मैदा सीज किया गया।

डेयरियों पर कार्रवाई, 600 किलो पनीर नष्ट

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अशोक नगर स्थित राधा डेयरी से पनीर का नमूना लेकर करीब 200 किलोग्राम खराब एवं दूषित पनीर नष्ट कराया। वहीं सेलई रोड स्थित ओम साक्षी डेयरी से 11 नमूने संग्रहित किए गए और 400 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। गंभीर अनियमितताओं के चलते ओम साक्षी डेयरी का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया। विभाग का कहना है कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालयों तक पहुंचा जागरूकता अभियान

विभाग ने केवल छापेमारी तक ही अभियान सीमित नहीं रखा, बल्कि खाद्य कारोबारियों और उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर भी जोर दिया। मध्याह्न भोजन योजना के तहत विद्यालयों में 15 निरीक्षण कर 38 नमूने लिए गए, जबकि आईसीडीएस के अंतर्गत तीन प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर चार नमूने जांच के लिए भेजे गए।

इसके अलावा तीन फोस्टैक प्रशिक्षण शिविरों में 170 खाद्य कारोबारियों को प्रशिक्षित किया गया। आईईसी कार्यक्रम के तहत 17 स्थानों पर शिविर लगाकर करीब 270 खाद्य कारोबारियों तथा 10 विद्यालयों में लगभग 179 विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटखोरी के खिलाफ छापेमारी और निरीक्षण का अभियान आगे भी जारी रहेगा।