Tuesday, 29 September 2026 | 11:24 PM
राजनीति

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर उत्तराखंड सरकार के मंत्री सतपाल महाराज और सौरभ बहुगुणा हुए शामिल

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की पर्यटन यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जहां आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के साथ एडवेंचर, वेलनेस, इको-टूरिज्म, हेरिटेज और ग्रामीण पर्यटन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन नीति 2023–2030 के माध्यम से निवेश, रोजगार और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
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विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर उत्तराखंड सरकार के मंत्री सतपाल महाराज और सौरभ बहुगुणा हुए शामिल
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देहरादून: पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की पर्यटन यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जहां आध्यात्मिक और धार्मिक पर्यटन के साथ एडवेंचर, वेलनेस, इको-टूरिज्म, हेरिटेज और ग्रामीण पर्यटन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन नीति 2023–2030 के माध्यम से निवेश, रोजगार और सतत पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।


पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य का होमस्टे मॉडल इस परिवर्तन की महत्वपूर्ण मिसाल बनकर उभरा है। दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास विकास योजना और अतिथि उत्तराखंड गृह आवास योजना के माध्यम से स्थानीय परिवारों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को गांवों की जीवनशैली, स्थानीय भोजन और संस्कृति का अनुभव मिलता है, वहीं ग्रामीण परिवारों के लिए आय और स्वरोजगार के अवसर बनते हैं। 

सतपाल महाराज ने आगे कहा कि उत्तराखंड की पहचान चारधाम से आगे भी विस्तृत है। पंच प्रयाग, जागेश्वर, बैजनाथ, हेमकुंड साहिब और पिरान कलियर जैसे स्थल राज्य की विविध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सामने लाते हैं। महाभारत ट्रेल और स्टोरी ऑफ शिवा जैसे नए सर्किट पर्यटन अनुभवों को और व्यापक बनाने की दिशा में प्रयास हैं।

पर्यटन मंत्री ने कहा कि औली की स्कीइंग, ऋषिकेश की रिवर राफ्टिंग, हिमालयी ट्रेकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियां उत्तराखंड को एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर रही हैं। वहीं ऋषिकेश, हरिद्वार और हिमालयी क्षेत्र योग, आयुर्वेद, ध्यान और वेलनेस पर्यटन के लिए वैश्विक संभावनाएं रखते हैं। आज की चुनौती स्पष्ट है—पर्यटन का विस्तार हो, लेकिन प्रकृति और संस्कृति की कीमत पर नहीं। उत्तराखंड का लक्ष्य ऐसा पर्यटन विकसित करना है जो स्थानीय समुदायों को अवसर दे, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाए तथा हिमालयी विरासत को सुरक्षित रखते हुए भविष्य के लिए एक टिकाऊ पर्यटन मॉडल प्रस्तुत करे।