पानी के साथ जीवन की सीख भी देती थी खत्म हो रहीं बावड़ियां : आदर्श कुमार
बावड़ि़यां वास्तुकला और जल संचय व्यवस्था का एक अद्भुत रूप है जो 7वीं शताब्दी के बाद से समूचे राजस्थान और गुजरात में आज तक बची हुई हैं। गुजरात में इनकी महत्ता और कौशल ने जो स्थान प्राप्त किया है उसे अब पार करना मुश्किल है। हालांकि पश्चिमी भारत की कला और वास्तुकला के इतिहास की कई किताबों में इन बावड़ियो