Monday, 14 September 2026 | 11:58 PM
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योगी सरकार का गोवध पर देश का सबसे सख्त कानून, जानिए इस रिपोर्ट में

उत्तर प्रदेश में गोवध की घटना को अंजाम देने वालों की अब खैर नहीं है. योगी सरकार गोवध करने वालों के खिलाफ देश का सबसे कठोर कानून लेकर आई है. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश 2020 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है. • उत्तर प्रदेश
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योगी सरकार का गोवध पर देश का सबसे सख्त कानून, जानिए इस रिपोर्ट में
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उत्तर प्रदेश में गोवध की घटना को अंजाम देने वालों की अब खैर नहीं है. योगी सरकार गोवध करने वालों के खिलाफ देश का सबसे कठोर कानून लेकर आई है. मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण संशोधन अध्यादेश 2020 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है.

• उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के तहत गोवध, गोकशी या तस्करी करने वालों को अब सात साल की जगह दस साल की जेल होगी और तीन लाख की जगह 5 लाख का जुर्माना देना होगा.

• अधिनियम के तहत दोबारा दोषी पाए जाने पर दोगुनी सजा होगी. अब गोकशी पर न्यूनतम तीन साल की सजा और अधिकतम 10 साल तक सजा हो सकती है. यही नहीं तीन लाख रुपये और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है.

• गोवंश का अंगभंग करने पर भी एक से सात साल की सजा और एक लाख से तीन लाख रुपये जुर्माना होगा. अगर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा गोवंश जब्त किया जाता है तो एक साल तक उसके भरण पोषण के खर्च की वसूली भी अभियुक्त से ही होगी.

• नए अध्यादेश में अब जब तक वाहन मालिक साबित नहीं कर देंगे कि उन्हें वाहन में प्रतिबंधित मांस की जानकारी नहीं थी, वे भी दोषी माने जाएंगे. वाहन को भी सीज कर दिया जाएगा. इस अधिनियम के तहत सभी अपराध गैरजमानती होंगे. गोकशी या गोतस्करी के अभियुक्त की सार्वजनिक फोटो भी लगाई जाएगी.

योगी सरकार में गौ संरक्षण को लेकर उठाए गए महत्वपूर्ण कदम

• योगी सरकार गोवंश की जियो टैगिंग करा रही है. अब तक प्रदेश सरकार ने 5,02,395 गोवंश की जियो टैगिंग कराई है.

• गायों के संरक्षण को लेकर हमेशा मुखर रहने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने संरक्षण के लिए भी योजना बनाई. इस योजना के तहत योगी सरकार ने प्रदेश के सभी नगर निकायों और गांवों में अस्थायी गौशालाएं खोली. प्रदेश में 5062 गोसंरक्षण केंद्र/स्थल को संचालित कर 4,96,269 निराश्रित गोवंश संरक्षित किए गए हैं.

• गोवंश के संरक्षण के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने शराब और राज्य के टोल पर 0.5 फीसदी का अतिरिक्त सेस लगाया. सरकार ने बेसहारा गौवंश की समस्या के समाधान के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में वृहद गौ संरक्षण केंद्र भी बनाया है. यही नहीं सरकार ने गौशालाओं की ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी की.

• गौवंशों को पूरे साल भरपेट भोजन देने के लिए पहली बार प्रदेश में भूसा बैंक स्थापित किया गया. सूबे में 3228 भूसा बैंक स्थापित किए गए हैं. जिनमें इस वित्तीय वर्ष में 56,959 क्विंटल भूसा निशुल्क दान दाताओं द्वारा दिया गया है. वहीं 604672 क्विंटल भूसे की व्यवस्था बजट की व्यवस्था से किया गया. यानी अब तक कुल 66131 क्विंटल भूसा संरक्षित किया गया है.

• योगी सरकार ने एक जनवरी 2020 से लेकर अब तक गोकशी और गोवंश की तस्करी के संबंध में कुल 1324 मुकदमे दर्ज किए और 3867 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है. गोकशी और गोवंश की तस्करी के अपराध की पुनरावृत्ति करने वाले 2197 अभियुक्तों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है. ऐसे अपराधों में संलिप्त 1823 अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई.