Monday, 14 September 2026 | 11:55 PM
मनोरंजन

गोलियों-गालियों, अपराध पर बनी वेब सीरीज़ में दर्शकों की दिलचस्पी क्यों?

इंटरनेट पर स्ट्रीम होने वाली वेब सीरीज़ पर नियमानुसार सेंसर बोर्ड अपनी कैंची नहीं चला सकता. इससे निर्माता, निर्देशकों और पटकथा लेखकों ने अपनी कल्पना की कूची को और गहराई से उकेरते हुए मिर्ज़ापुर, सेक्रेड गेम्स, पाताल लोक जैसी क्राइम से प्रेरित वेब सीरीज़ बनाई. आख़िर क्या वजह है कि दर्शकों को इस तरह क
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गोलियों-गालियों, अपराध पर बनी वेब सीरीज़ में दर्शकों की दिलचस्पी क्यों?
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इंटरनेट पर स्ट्रीम होने वाली वेब सीरीज़ पर नियमानुसार सेंसर बोर्ड अपनी कैंची नहीं चला सकता. इससे निर्माता, निर्देशकों और पटकथा लेखकों ने अपनी कल्पना की कूची को और गहराई से उकेरते हुए मिर्ज़ापुर, सेक्रेड गेम्स, पाताल लोक जैसी क्राइम से प्रेरित वेब सीरीज़ बनाई.

आख़िर क्या वजह है कि दर्शकों को इस तरह की वेब सीरीज़ इतना क्यों लुभा रही हैं?

भारत की ऑनलाइन डेटा सर्वे कंपनियों में से एक, क्रोम डीएम स्टडी के मुताबिक 65% घरों में टीवी के साथ वेब सीरीज़ देखी जाती है, जिसमें क़रीब 80% लोगों को कॉमेडी वेब सीरीज़ पसंद है तो क्राइम, थ्रिलर वाली वेब सीरीज़ की लोकप्रियता हाल में बहुत ज़्यादा बढ़ी है.

ये सर्वे 2017 का है जो शहरी इलाक़ों में रह रहे 16-44 साल की उम्र के लोगों पर आधारित है.

2019 में अमेरिकी रिसर्च कंपनी एस.ई.एम रश स्टडी के सर्वे के मुताबिक़, ऑनलाइन प्लैटफॉर्म पर सबसे ज़्यादा सर्च की गई वेब सीरीज़- सेक्रेड गेम्स, मिर्ज़ापुर, क्रिमिनल जस्टिस, लस्ट स्टोरीज़ और मेड इन हेवन थी.

लेकिन जहाँ क्राइम की ख़बरों को लोग देखना या पढ़ना उतना पसंद नहीं करते जितना इससे जुड़ी वेब सीरीज़ में वो रूचि दिखाते हैं.

आख़िर क्या है इसकी वजह? जवाब किसी सस्पेंस से कम नहीं है! इसे हम मनोविज्ञान के ज़रिए तलाशेंगे. इस खोज-बीन में आप इंसान के व्यक्तित्व या कहें कि ख़ुद के बारे में बहुत कुछ जान सकेंगे.