Tuesday, 15 September 2026 | 7:35 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में करंट लगा तो किशोरी को रेत में दबाया, अंधविश्वास में परिजन नहीं ले गए अस्पताल, कपड़े सुखाने छत पर गई थी किशोरी

पीलीभीत में गीले कपड़ों को छत पर सुखाने के लिए डालने गई एक किशोरी को करंट लग गया। घटना के दौरान किशोरी की हालत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा उपचार की जगह अंधविश्वास के चलते किशोरी को रेत में ही दबाकर उपचार किया जा रहा है। इस पूरे मामले से जुड़े एक वीडियो सामने आया है। पूरा मामला घुघचाई थाना क्षेत्र के अं
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पीलीभीत में करंट लगा तो किशोरी को रेत में दबाया, अंधविश्वास में परिजन नहीं ले गए अस्पताल, कपड़े सुखाने छत पर गई थी किशोरी
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पीलीभीत में गीले कपड़ों को छत पर सुखाने के लिए डालने गई एक किशोरी को करंट लग गया। घटना के दौरान किशोरी की हालत बिगड़ गई। परिजनों द्वारा उपचार की जगह अंधविश्वास के चलते किशोरी को रेत में ही दबाकर उपचार किया जा रहा है। इस पूरे मामले से जुड़े एक वीडियो सामने आया है।

पूरा मामला घुघचाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर गांव का बताया जा रहा है, जहां गांव की रहने पाले राममूर्ति की 16 वर्षीय पुत्री सावित्री शुक्रवार को अपने घर की छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई थी। कपड़े तार पर डालते समय पास से ही गुजर रही विद्युत लाइन की चपेट में आने से किशोरी बुरी तरह झुलस गई। चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो किशोरी करंट से बुरी तरह झुलस चुकी थी।

सीएमो बोले- अंधविश्वास में पड़ना गलत
करंट की चपेट में आई किशोरी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की जगह परिजनों से रेत में ही दबाकर इलाज कर रहे हैं। किशोरी को अंधविश्वास के चलते रेत में ही दबाए रखने का वीडियो सामने आया है। वहीं पीलीभीत के सीएमओ डॉक्टर आलोक कुमार का कहना है कि करंट लगने पर किसी भी अंधविश्वास का सहारा लेना गलत है। करंट लगने के बाद मरीज को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल में ले जाना चाहिए, ताकि प्राथमिक उपचार मिल सके।