Tuesday, 15 September 2026 | 2:50 AM
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ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड फाइनल में इन दोनों टीमों ने क्या खास किया

ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है।2014 में श्रीलंका टीम नई टीम थी जो चैंपियन बनी थी। इससे पहले भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज चैंपियन बन चुके थे। 2016 में एक बार फिर विंडीज चैंपियन बना। ऐसे में सात साल बाद एकबार फिर नया चैंपियन मिलने वाला है। ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी बा
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ऑस्ट्रेलिया vs न्यूजीलैंड  फाइनल में इन दोनों टीमों ने क्या खास किया
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ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की टीम फाइनल में पहुंच चुकी है।2014 में श्रीलंका टीम नई टीम थी जो चैंपियन बनी थी। इससे पहले भारत, पाकिस्तान, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज चैंपियन बन चुके थे। 2016 में एक बार फिर विंडीज चैंपियन बना। ऐसे में सात साल बाद एकबार फिर नया चैंपियन मिलने वाला है।

ऑस्ट्रेलियाई टीम दूसरी बार, जबकि न्यूजीलैंड टीम पहली बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। ऑस्ट्रेलियाई टीम 2010 में फाइनल में पहुंची थी, तब इंग्लैंड ने उन्हें हराया था। इस बार फाइनल में दोनों के बीच पहली बार चैंपियन बनने को लेकर कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। यहां हम जानने की कोशिश करेंगे कि इन दोनों टीमों ने फाइनल में पहुंचने के लिए क्या खास किया…

  1. ऑस्ट्रेलिया
    ऑस्ट्रेलिया भी इस वर्ल्ड कप से पहले लय में नहीं थी। विश्व कप में आने से पहले उसे बांग्लादेश, वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड, भारत और इंग्लैंड ने द्विपक्षीय सीरीज में हराया था। ऐसा माना जा रहा था कि इस टीम के लिए भी वर्ल्ड कप का सफर आसान नहीं होगा। हालांकि हुआ इसके उलट। पहले मैच से ही ऑस्ट्रेलिया ने अच्छा खेल दिखाया और लगातार मैच जीते। बीच में इंग्लैंड से जरूर यह टीम हारी पर बाकी मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंच गई। फिर सेमीफाइनल में वार्नर और जाम्पा के दम पर टीम ने इस विश्व कप की सबसे मजबूत दिख रही टीम पाकिस्तान को हराया और अब फाइनल में पहुंच चुकी है।

ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि डेविड वार्नर लय में आ चुके हैं। उन्होंने 6 मैचों में 47.20 की औसत से 236 रन बनाए हैं। वहीं लेग स्पिनर एडम जाम्पा ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 6 मैचों में 12 विकेट झटके हैं। इसके अलावा यह टीम एकजुट होकर शानदार प्रदर्शन कर रही है और मिशेल मार्श जैसे खिलाड़ी भी रन बना रहे हैं। वहीं सेमीफाइनल मैच को छोड़ दिया जाए तो तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। इसके अलावा मिचेल स्टार्क ने 6 मैच में नौ विकेट लिए हैं।

क्या है कमजोरी?
टीम की कमजोरी उसके कप्तान एरॉन फिंच हैं। उन्होंने इस विश्व कप में 5, 0, 3, 1, 0 रन की पारी खेली है। कुल मिलाकर उन्होंने पांच मैचों में 9 रन बनाए हैं। फिंच पाकिस्तान के खिलाफ सातवीं बार टी-20 अंतरराष्ट्रीय में शून्य पर आउट हुए। इसके अलावा टीम को दूसरे स्पिनर की कमी भी खल रही है। मैक्सवेल जाम्पा का अच्छा साथ नहीं निभा पा रहे हैं। टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाजों को भी रन बनाने होंगे, वर्ना न्यूजीलैंड की मजबूत गेंदबाजी लाइनअप टीम के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है।

  1. न्यूजीलैंड
    न्यूजीलैंड ने पिछले कुछ सालों में शानदार खेल दिखाया है और इस वर्ल्ड कप में भी उनका प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। यह टीम पहले मैच में पाकिस्तान से जरूर हारी, लेकिन इसके बाद कीवी खिलाड़ियों ने कमाल का खेल दिखाया है। उन्होंने भारत को हराया और इसके बाद भी स्पिन पिचों में लगातार मैच जीते। न्यूजीलैंड ने एकतरफा मैच नहीं जीते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा मुश्किल हालातों से निकलकर जीत हासिल की है। सेमीफाइनल में उन्होंने इंग्लैंड जैसी बेहद मजबूत टीम को हराया। एक समय लग रहा था कि कीवी टीम यह मैच हार जाएगी, लेकिन नीशम के अद्भुत प्रदर्शन ने टीम को मैच जिता दिया और वह फाइनल में पहुंच गए।
    न्यूजीलैंड की सबसे मजबूत कड़ी उनके कप्तान केन विलियमसन हैं। उन्होंने हर मैच में अपनी टीम को संभाला है। कीवी टीम की बल्लेबाजी उनके इर्द-गिर्द ही घूमती है। इसके अलावा ओपनर डेरिल मिचेल ने भी जानदार प्रदर्शन किया है। वे इस विश्व कप में टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। मिचेल ने छह मैच में 197 रन बनाए हैं। इसके अलावा तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने भी अच्छी गेंदबाजी की है। उन्होंने छह मैचों में 11 विकेट चटकाए हैं। उनके अलावा ईश सोढ़ी ने भी नौ विकेट लिए हैं। साउदी के नाम आठ विकेट हैं।