Tuesday, 15 September 2026 | 12:27 AM
भारत

क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता, बजट पेश होने के बाद पढ़ें पूरी लिस्ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट (Budget 2022) पेश किया। लगातार दूसरी बार उन्होंने पेपरलेस बजट किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 60 हजार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। वहीं सालभर में पूरे देश में गरीबों के लिए 80 लाख घर बनाए जाएंगे। डि
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क्या हुआ महंगा और क्या हुआ सस्ता, बजट पेश होने के बाद पढ़ें पूरी लिस्ट
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वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2022-23 का बजट (Budget 2022) पेश किया। लगातार दूसरी बार उन्होंने पेपरलेस बजट किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 60 हजार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। वहीं सालभर में पूरे देश में गरीबों के लिए 80 लाख घर बनाए जाएंगे। डिजिटल करेंसी को लेकर भी एलान हुआ। इस बीच उन्होंने कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी,आयात शुल्क समेत अन्य शुल्क बढ़ाए और घटाए जाने की बात कही। इससे बहुत से सामान सस्ते होंगे, तो वहीं कई चीजें महंगी होंगी।

एमएसएमई सेक्टर को मदद मुहैया कराने के लिए स्टील स्क्रैप पर कस्टम ड्यूटी में छूट एक साल के लिए बढ़ाई गई है। कट और पालिश़्ड डायमंड के अलावा जेम्स एंड ज्वैलरी पर आयात शुल्क घटाकर पांच फीसदी कर दी गई है। वर्तमान में कटे और पालिश किए गए हीरे के साथ-साथ रत्नों पर आयात शुल्क 7.5 प्रतिशत है। लोकसभा में 2022-23 के लिए बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने यह भी घोषणा की कि सरकार ई-कामर्स के माध्यम से आभूषणों के निर्यात की सुविधा प्रदान करेगी, जिसके लिए वह इस साल जून तक फ्रेमवर्क लागू करेगी।

स्टेनलेस स्टील और कोटेड स्टील, अलोय स्टील के कुछ हिस्सों पर कुछ एंटी-डंपिंग शुल्क (एडीडी) और काउंटरवेलिंग ड्यूटी (सीवीडी) हटा दिया जाएगा। घरेलू स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन, चार्जर, ट्रांसफर आदि पर इंपोर्ट ड्यूटी में छूट दी गई है। पेट्रोलियम उत्पादों के लिए आवश्यक रसायनों के अलावा मेथनाल सहित कुछ रसायनों पर सीमा शुल्क घटाई गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तावित इंपोर्टेड पार्ट पर कस्टम ड्यूटी में वृद्धि के कारण हेडफोन, इयरफोन, लाउडस्पीकर, स्मार्ट मीटर, सोलर सेल और सोलर माड्यूल सहित बड़ी संख्या में आमतौर पर उपयोग की जाने वाली वस्तुएं अधिक महंगी हो जाएंगी। कैपिटल गुड्स पर आयात शुल्क में छूट खत्म कर दिया गया है। इसपर 7.5 फीसदी आयात शुल्क लगा दिया गया है। वहीं इमिटेशन ज्वैलरी पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है। इसका कारण आयात को कम करना है। विदेशी छाता भी महंगा होगा। आयातित सामान महंगे होंगे। इसके अलावा आगामी अक्टूबर से बिना ब्लेंडिंग वाले फ्यूल पर दो रुपये प्रति के लीटर के हिसाब से एक्साइज ड्यूटी लगेगी।