Tuesday, 15 September 2026 | 5:31 AM
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12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार रणजी ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू किया

राजधानी पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में बिहार और मुंबई के बीच रणजी ट्राफी में बिहार के वैभव सूर्यवंशी शामिल हुए हैं। इन्होंने 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया है। सबसे कम उम्र में रणजी में डेब्यू करने वाले वे दूसरे खिलाड़ी हैं। इसके पहले अलीमुद्दीन ने ( उम्र- 12 साल 2 महीने
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12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार रणजी ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी ने डेब्यू किया
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राजधानी पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में बिहार और मुंबई के बीच रणजी ट्राफी में बिहार के वैभव सूर्यवंशी शामिल हुए हैं। इन्होंने 12 साल 284 दिन की उम्र में बिहार रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया है। सबसे कम उम्र में रणजी में डेब्यू करने वाले वे दूसरे खिलाड़ी हैं। इसके पहले अलीमुद्दीन ने ( उम्र- 12 साल 2 महीने 18 दिन) डेब्यू किया था, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 15 साल और 232 दिन की उम्र में डेब्यू किया था।
वैभव सूर्यवंशी समस्तीपुर के ताजपुर के हैं। वह बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। एक साल में विभिन्न स्तर के मैचों में 49 शतक बना चुके हैं।
पिता संजीव सूर्यवंशी ने बताया कि वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। इतनी कम उम्र में रणजी का मैच खेल रहा है, मुझे बहुत खुशी हो रही है। मैं चाहता हूं कि वह अच्छा खेलकर बिहार का नाम रोशन करे। मैं एक किसान हूं। शुरू से ही चाहता था कि मेरा बेटा एक क्रिकेटर बने। वैभव खाने के काफी शौकीन हैं।
वैभव ने बचपन से ही क्रिकेट में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी थी। शुरू से ही लेदर बॉल से प्रैक्टिस करता आया है। 5 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।
उनके पिता ने बताया कि घर पर ही 2 साल तक क्रिकेट खेलाते थे। वैभव में बचपन से ही सीखने की ललक थी, कुछ भी बताता तो एक बार में ही समझ जाता। इसी चीज को देखते हुए क्रिकेट में आगे बढ़ाया। सुबह स्कूल से आने के बाद थोड़ा देर रेस्ट करके, वह दिनभर प्रैक्टिस करता रहता था।
7 साल की उम्र में पिता समस्तीपुर के क्रिकेट एकेडमी में लेकर गए। वैभव ने यहां 3 साल तक खेला। फिर उनके पिता उन्हें पटना के संपतचक स्थित जेन एक्स क्रिकेट एकेडमी में लेकर आ गए।
10 साल की उम्र में ही वैभव ने बड़े-बड़े मैच खेले और सीनियर मैच में रन बनाने भी शुरू कर दिए। उनके पिता ने कहा कि उसी मेहनत का परिणाम है कि वह आज बड़े-बड़े दिग्गज खिलाड़ियों के सामने खेल रहा है।
वैभव पिछले 1 साल में 49 शतक और 3 दोहरा शतक जमा चुके हैं। पिछले साल हुए हेमन ट्रॉफी के लीग और सुपर लीग में सबसे ज्यादा 670 रन बनाए। जिसमें तीन शतक और तीन अर्धशतक था। परफॉरमेंस को देखते हुए बीसीए के पदाधिकारियों ने वैभव को एक मौका दिया।
अक्टूबर 2023 में वीनू मांकड़ टूर्नामेंट के अंडर-19 में वैभव का सिलेक्शन हुआ। चंडीगढ़ में आयोजित टूर्नामेंट में बिहार की तरफ से सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 393 रन बनाए, जिसमें एक शतक और तीन अर्धशतक था।
इसके बाद वैभव को सीके नायडू ट्राफी के लिए बेंगलुरु भेज दिया गया। बेंगलुरु में ही उनका सिलेक्शन चैलेंजर ट्रॉफी के लिए हो गया। फिर वहीं से गुवाहाटी गए। इस खेल के बाद उनका सिलेक्शन अंडर-19 इंडिया के लिए हो गया।
आंध्र प्रदेश में हुए इस मैच में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 50 रन बनाए। अन्य टीमों के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। फिर कूच बिहार ट्रॉफी के लिए जमशेदपुर भेज दिया गया, जहां उन्होंने मैच में शतक जड़ा। इसके बाद आज वह रणजी में खेल रहे हैं।