Monday, 14 September 2026 | 11:42 PM
भारत

डेटा इकॉनमी की राजधानी बनेगा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की बदली नीति का असर जानिए

उत्तर प्रदेश को डेटा इकॉनमी का कैपिटल बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस दिशा में लगातार काम हो रहा है। योगी सरकार की डेटा सेंटर नीति और हालिया घोषणाओं के चलते प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। फरवरी में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान
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डेटा इकॉनमी की राजधानी बनेगा उत्तर प्रदेश, योगी सरकार की बदली नीति का असर जानिए
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उत्तर प्रदेश को डेटा इकॉनमी का कैपिटल बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से इस दिशा में लगातार काम हो रहा है। योगी सरकार की डेटा सेंटर नीति और हालिया घोषणाओं के चलते प्रदेश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। फरवरी में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने और स्टेट डेटा सेंटर अथॉरिटी के गठन की घोषणा की। इसका उद्देश्य डेटा सेंटर उद्योग के विकास को संस्थागत ढांचा प्रदान करना और निवेश प्रक्रिया को अधिक तेज करना है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5 गीगावाट क्षमता वाले 4 से 5 बड़े डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य प्रदेश को देश के प्रमुख डेटा स्टोरेज और क्लाउड सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तेजी से बढ़ते डिजिटल उपयोग, क्लाउड सेवाओं की मांग और डेटा लोकलाइजेशन की नीति के बीच डेटा सेंटर उद्योग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। यूपी सरकार की योजना के अनुसार, लगभग 30 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे। इनकी कुल क्षमता करीब 900 मेगावाट होगी। इनमें से कई परियोजनाओं पर काम भी आगे बढ़ चुका है। सरकार की ओर से अब तक 8 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया जा चुका है। इनमें 6 डेटा सेंटर पार्क और 2 डेटा सेंटर इकाइयां शामिल हैं।