Monday, 14 September 2026 | 11:58 PM
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दिल्ली विधानसभा में चर्चा के बीच हंगामा, क्या हुआ पढ़ें

दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर की शहादत पर चर्चा के दौरान हंगामा हो गया. सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह, मंत्री कपिल मिश्रा के साथ अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज
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दिल्ली विधानसभा में चर्चा के बीच हंगामा, क्या हुआ पढ़ें
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दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग बहादुर की शहादत पर चर्चा के दौरान हंगामा हो गया. सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा वर्मा, मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, मंत्री रविंद्र इंद्रराज सिंह, मंत्री कपिल मिश्रा के साथ अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की.

बुधवार (7 जनवरी) को दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने विधानसभा में मंगलवार (6 जनवरी) को हुई एक गंभीर घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर कड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में श्री गुरु तेग बहादुर की शहादत को लेकर चर्चा की जा रही थी, जो देश और खासकर सिख समाज के लिए अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है.

प्रवेश वर्मा ने आगे कहा कि ऐसे पावन और ऐतिहासिक विषय पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने न केवल चर्चा में भाग नहीं लिया, बल्कि उन्होंने कथित तौर पर अपशब्द भी कहे, जिससे पूरे सदन की भावनाएं आहत हुईं.

मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि इस मामले को लेकर सदन के कई सदस्यों ने आपत्ति जताई और इसे गंभीर मुद्दा बताया. उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक पार्टी या सदन का मामला नहीं है, बल्कि देश के हर नागरिक की भावनाओं से जुड़ा विषय है.
महान बलिदानी का अपमान स्वीकार नहीं- प्रवेश साहिब सिंह वर्मा

प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था. ऐसे महान बलिदानी का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है.

इस संबंध में स्पीकर को एक औपचारिक पत्र सौंपा गया है, जिसमें मांग की गई है कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द की जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो. मंत्री ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले को समयबद्ध तरीके से निपटाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि इस तरह की भाषा और व्यवहार करने से पहले सौ बार सोचे.

प्रवेश साहिब सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि देश का हर नागरिक इस बात से आहत है. हमें व्यक्तिगत तौर पर भी इस घटना से गहरी चोट लगी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने इस पवित्र विषय का मजाक उड़ाया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जो लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है.

मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि कल विधानसभा में आतिशी द्वारा कहे गए शब्दों की लिखित प्रति स्पीकर को सौंप दी गई है, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सके. गौरतलब है कि श्री गुरु तेग बहादुर सिखों के नौवें गुरु थे, जिन्होंने मुगल काल में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उनकी शहादत को पूरा देश श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करता है .

ऐसे में विधानसभा जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर इस विषय पर असंवेदनशील टिप्पणी को लेकर सियासत तेज हो गई है. इस पर आने वाले दिनों में और भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है.