कोविड-19 महामारी की वजह से पिछले साल लिंग आधारित हिंसा में बढ़ोतरी देखी गई और कई देशों में यौन हिंसा को ''युद्ध की क्रूर रणनीति'' और राजनीतिक दमन के तौर पर इस्तेमाल किया गया. सोमवार को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है. इस रिपोर्ट में 18 देशों का जिक्र भी किया गया है. इन देशों के बारे में संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि उसे सत्यापित सूचना प्राप्त हुई है.
इस रिपोर्ट में 52 पक्षों का जिक्र है जिन पर हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में ''बलात्कार या यौन हिंसा के अन्य प्रारूप'' का इस्तेमाल करने का ''ठोस संदेह'' है. वहीं इसमें कहा गया है कि 70 फीसदी से अधिक सूचीबद्ध पक्ष ''सतत षड्यंत्रकारी हैं'' संयुक्त राष्ट्र की ब्लैक लिस्ट में शामिल अधिकतर पक्ष ''राज्येतर तत्व'' हैं, जिनमें इस्लामिक स्टेट या अल-कायदा आतंकवादी संगठनों से जुड़े चरमपंथी समूह, बागी या विपक्षी शामिल हैं.