Tuesday, 15 September 2026 | 2:33 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में चाेरी किए गए नवजात को पंजाब ले जाकर बेचने की थी योजना

पीलीभीत के बीसलपुर पुलिस ने गांव गोवल के नवजात की चोरी के मामले में महिला समेत दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उनकी योजना नवजात को पंजाब ले जाकर बेचने की थी। पंजाब में महिला की भांजी रहती है। उसके कोई बच्चा नहीं है। उसी को बच्चा बेचने की योजना थी। कोतवाली
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पीलीभीत में चाेरी किए गए नवजात को पंजाब ले जाकर बेचने की थी योजना
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पीलीभीत के बीसलपुर पुलिस ने गांव गोवल के नवजात की चोरी के मामले में महिला समेत दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उनकी योजना नवजात को पंजाब ले जाकर बेचने की थी। पंजाब में महिला की भांजी रहती है। उसके कोई बच्चा नहीं है। उसी को बच्चा बेचने की योजना थी।

कोतवाली के गांव गोवल पतीपुरा निवासी अजय के घर से 20 दिसंबर की रात में उसकी तीन दिन की पुत्री को चोरी कर लिया गया। अजय ने कोतवाली में नवजात के चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। छानबीन के दौरान पुलिस ने 21 दिसंबर को गांव गोवल निवासी नन्ही देवी को गिरफ्तार कर लिया गया।

नन्ही देवी अजय की सगी बुआ हैं। पुलिस ने नन्ही देवी की निशानदेही पर नवजात को कोतवाली क्षेत्र के ही गांव पटनिया के एक घर से 21 दिसंबर को बरामद कर लिया। नन्ही देवी से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि इस मामले में बरेली के क्योलडिय़ा थानाक्षेत्र के गांव पनवडिय़ा जलालपुर निवासी रोशनलाल भी शामिल है।
पुलिस ने रविवार को उसे घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनकी योजना नवजात को पंजाब ले जाकर बेचने की थी। पंजाब में नन्ही देवी की भांजी रहती है। उसके कोई लड़की नहीं है। उसने अपनी मामी नन्ही देवी से किसी बच्चे को दिलवाने को कहा था। इसके बदले में कुछ रुपये भी मिल जाते। नन्ही देवी और रोशनलाल ने इससे पहले राजकीय शिशु सदन गृह रामपुर से बच्चा प्राप्त करने का प्रयास भी किया था, लेकिन उन्हें बच्चा नहीं मिल सका। किसी को शक न हो इसलिए नन्ही देवी और रोशनलाल ने नवजात को गांव पटनिया में रहने वाले अपने एक परिचित के घर पहुंचा दिया था। कोतवाल अशोक पाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।