तकरीबन 12 घंटे की बहस, सवाल-जवाब, हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और वोटिंग के बाद वक्फ बिल देर रात लोकसभा में पास हो गया. बिल पर बहस के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया था. लेकिन, लोकसभा में डिबेट के दौरान कई बार समय बढ़ाया गया. तकरीबन 12 घंटे की बहस के बाद रात को एक बजे वोटिंग का नंबर आया. इस दौरान बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े जबकि 232 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया. बहस के दौरान विपक्ष ने बिल में कई संशोधन सुझाए लेकिन ध्वनिमत से सभी ऐसे प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया. अब गुरुवार को यह बिल राज्यसभा में पेश होना है. मोदी सरकार की असली परीक्षा यहीं होनी है.
बुधवार की दोपहर 12 बजे के आसपास केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल को लोकसभा में पेश किया. संशोधित बिल में कई विवादित प्रावधान थे, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने आपत्तियां जताईं. बिल में कहा गया है कि केंद्रीय वक्फ परिषद और वक्फ बोर्ड में 2 गैर-मुस्लिम सदस्यों का होना जरूरी है. यह भी शर्त है कि कम से कम 5 साल तक इस्लाम की प्रैक्टिस करने वाला व्यक्ति ही वक्फ को संपत्ति दान कर सकता है। कोई संपत्ति वक्फ की है या नहीं है, यह कलेक्टर से ऊपर रैंक का एक अधिकारी तय करेगा. इसके अलावा वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने का अधिकार भी नए बिल में दिया गया है.
भारत
बिल फाड़ा, 12 घंटे हुई बहस, आधी रात को लोकसभा में पास हो गया वक्फ बिल
तकरीबन 12 घंटे की बहस, सवाल-जवाब, हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप और वोटिंग के बाद वक्फ बिल देर रात लोकसभा में पास हो गया. बिल पर बहस के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया था. लेकिन, लोकसभा में डिबेट के दौरान कई बार समय बढ़ाया गया. तकरीबन 12 घंटे की बहस के बाद रात को एक बजे वोटिंग का नंबर आया. इस दौरान बिल के पक
Read in your preferred language.