कल लखनऊ में दिनांक 23 नवंबर को स्वर संगीत धारा के कलाकारों ने बॉलीवुड के सदाबहार नगमों से सुरमई शाम सजाई । स्वर संगीत धारा के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने कार्यक्रम शुरुआत की और - इक दिन बिक जाएगा माटी के मोल गीत से शाम का आगाज किया । साथ ही एक युगल गीत प्रीति लाल के साथ - वादा कर ले साजना सुनकर दर्शकों का दिल जीत लिया ।
इसके बाद पंखुड़ी भारद्वाज ने - नाम गुम जाएगा , सारिका श्रीवास्तव ने - दिल में आग लगाए सावन का महीना ,जितेंद्र केवलानी ने - यही वो जगह है , नीलम रानी ने - नैना बरसे रिमझिम रिमझिम, सुभाष जायसवाल ने - किसी की मुस्कुराहटों पे हों निसार ,रूपेश विश्वकर्मा ने - तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है, योगेश कपूर ने - दुनिया में लोगों को धोखा कभी हो जाता है, नीता प्रजापति ने - दुनिया बनाने वाले क्या तेरे मन में समाई गीत सुनाए । सभी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दी। अंत में प्रगति पर्यावरण संरक्षण एवं लक्ष्मणपुर अवध महोत्सव अध्यक्ष विनोद सिंह ने सभी कलाकारों को एक तुलसी जी का पौधा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।