Monday, 14 September 2026 | 10:58 PM
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कासगंज:-जनपद के ऐसे कलाकारों को, जो शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत लोक संगीत तथा लोकनाट्य इत्यादि की विभिन्न विधाओं में पारंगत हो, ऐसे कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा

जनपद के ऐसे कलाकारों को, जो शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत लोक संगीत तथा लोकनाट्य इत्यादि की विभिन्न विधाओं में पारंगत हो, ऐसे कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है| कलाकारों को प्रोत्साहित एवं समृद्ध करने के लिए संस्कृति
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कासगंज:-जनपद के ऐसे कलाकारों को, जो शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत लोक संगीत तथा लोकनाट्य इत्यादि की विभिन्न विधाओं में पारंगत हो, ऐसे कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा
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जनपद के ऐसे कलाकारों को, जो शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय संगीत लोक संगीत तथा लोकनाट्य इत्यादि की विभिन्न विधाओं में पारंगत हो, ऐसे कलाकारों की पहचान कर उन्हें उनकी योग्यता अनुसार मंच प्रदान करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है| कलाकारों को प्रोत्साहित एवं समृद्ध करने के लिए संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश पर्व - हमारी संस्कृति : हमारी पहचान के अंतर्गत संस्कृति उत्सव-2025-26 की शुरुआत की जा रही है, जिसमें दिनांक 10 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक गांव पंचायत ब्लॉक एवं तहसील स्तर के कलाकारों की प्रतियोगिता तहसील मुख्यालय पर की जाएगी | तहसील मुख्यालय पर विजयी कलाकारों की प्रतियोगिता जनपद मुख्यालय पर आयोजित की जाएगी| उसके बाद जनपद से चयनित कलाकारों को क्रमशः मंडल एवं प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा | इस प्रतियोगिता में विभिन्न विधाओं की कलाकार जैसे कथक भरतनाट्यम,ओडीसी इत्यादि के साथ-साथ ठुमरी, दादरा, चैती चैता ,लोक नृत्य में कजरी, राई, धीमरयाई ,कछियाई इत्यादि इसके अलावा जनजातीय नृत्य लोक गायन आल्हा गायन, सोहर, लोकगीत, सुगम संगीत लोक नाटक इत्यादि की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगे | वादन में स्वर वाद्य, सुषिर वाद्य बांसुरी, हारमोनियम तंतु वाद्य सितार, वायलिन, गिटार, सारंगी, वीणा वादन आदि ताल वाद्य तबला, पखावज,दक्षिणी भारतीय मृदंग, घटक आदि की तथा जनजाति वाद्ययंत्र डफला, नगाड़ा, दुक्कड़, मादल, शहनाई, ढोल ताशा, ढोलक, नाल, चिमटा, हुड़का, सिंघा आदि की प्रतियोगिता आयोजित की जानी है | लोक गायन में गीत गजल भजन देशभक्ति गीत, कजरी,चैती, झूला, बिरहा, आल्हा, निर्गुण, लोकगीत, कव्वाली आदि तथा नृत्य में लोक नृत्य जैसे धोबिया, अहिरवा, करमा, शैला, डोमकच, आखेट, नौटंकी, रामलीला, रासलीला, स्वांग, भगत, बहुरूपिया, नुक्कड़ नाटक आदि की प्रतियोगिता भी आयोजित की जानी है। इन प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने के लिए कलाकारों को उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण करना पड़ेगा | इन प्रतियोगिताओं में विजयी कलाकारों को विभिन्न अवसरों पर जनपद में होने वाले कार्यक्रमों में मंच प्रदान करने का भी मौका दिया जाएगा |