Monday, 14 September 2026 | 11:54 PM
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सीतापुर: लाखों खर्च फिर भी सड़क बनी तालाब

जनपद सीतापुर के मिश्रिख तहसील ग्राम भानपुर मजरा अटवा मैं सड़क तालाब बनी हुई है इसमें से लोगों को निकल कर जाना पड़ता है l आपको बता दें कि सीतापुर बालामऊ रेल लाइन बिछी हुई है ग्राम भानपुर के पास रेल लाइन होकर सड़क गुजरी है जो सड़क बीबीपुर और अटवा की तरफ जाती है, रेल की पटरी के ऊपर से पहले रास्ता था जह
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सीतापुर: लाखों खर्च फिर भी सड़क बनी तालाब
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जनपद सीतापुर के मिश्रिख तहसील ग्राम भानपुर मजरा अटवा मैं सड़क तालाब बनी हुई है इसमें से लोगों को निकल कर जाना पड़ता है l
आपको बता दें कि सीतापुर बालामऊ रेल लाइन बिछी हुई है ग्राम भानपुर के पास रेल लाइन होकर सड़क गुजरी है जो सड़क बीबीपुर और अटवा की तरफ जाती है, रेल की पटरी के ऊपर से पहले रास्ता था जहां पर लोग रेल की पटरी के ऊपर से गुजरते थे रेल विभाग ने बाकायदा वहां पर एक कर्मचारी तैनात कर रखा था जो ट्रेन आने पर बैरियर गिराता था और उठाता था पिछले कुछ समय पहले रेल विभाग ने रेल पटरी के नीचे से एक पुल बनाया पुल को सड़क से मिलान किया,पुल के निर्माण में लाखों रुपए का खर्चा आया महीनों कार्य चला सड़क के इधर उधर कुएं बनाए गए जिसमें स्रोत के माध्यम से जो जल सड़क पर आएगा वह स्रोत में जाकर समंदर में जाएगा बड़े-बड़े इंजीनियर आए थे गांव वालों ने पहले भी कहा था वहां के इंजीनियर से वहां के ठेकेदार से कि यदि पुल के अंदर पानी भर जाता है तो हम लोग कैसे निकलेंगे तो वहां पर ठेकेदार और इंजीनियर ने कहा था कि पानी नहीं भरेगा क्योंकि हम लोगों ने कुएं और स्रोत बनाए हैं, रेल विभाग ने पुल निर्माण कराया था कि जिससे कि लोग रेल की पटरी के नीचे से निकल जाएंगे कोई दुर्घटना नहीं होगी मगर पुल निर्माण में लाखों खर्च करने के बाद भी जलभराव हो रहा है जलभराव इतना होता है कि वहां पर लोग निकल नहीं पा रहे हैं मोटरसाइकिल है आधी की आधी डूब जाती हैं जलभराव होने के कारण से पानी इतना गंदा हो गया है जो दुर्गंध दे रहा है उसी से मजबूरन लोगों को निकलना पड़ रहा है गांव वाले और यात्रीगण इसकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से भी कर चुके हैं मगर अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है,

भानपुर के निवासी कल्लू गाजी ने बताया कि मैं प्रतिदिन दूध बेचने का व्यवसाय करता हूं अपनी साइकिल से जो मैं अपनी साइकिल से जाता हूं तो मेरी पूरी साइकिल पानी में डूबने की कगार पर हो जाती है और मैं पूरा उसमें भीग जाता हूं तब जाकर वहां से निकल पाता हूं,

वही अनित कुमार ने बताया कि मैं कंप्यूटर दुकान चलाता हूं जो मुझे प्रतिदिन दूषित जल भराव के अंदर से निकलना पड़ता है जिससे कि मेरे कपड़े और जूते मोजे खराब हो जाते हैं,

बीबीपुर के निवासी यूनुस हाफिज जी बताते हैं कि मुझे मिश्रिख जाना होता है तो मैं यही रास्ते से जाता हूं क्योंकि यह रास्ता नजदीकी है और पास में है मगर पुल के अंदर से मजबूर निकलना पड़ता है और अत्यधिक गंदा पानी होने के कारण से बीमारियां फैलने की भी संभावनाएं हैं।

ग्राम पंचायत प्रधान नवनिर्वाचित प्रदीप मौर्या ने बताया कि यह समस्या काफी दिनों से है और शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए

वही तालीमुल कुरान मदरसा के हाफिज सैफुद्दीन जी ने बताया कि यहां जब जब हल्की बरसात होती है तब इतना पानी भर जाता है कि लोगों को निकलना दुश्वार हो जाता है अगर तेज बारिश हो जाए तो लोग निकल ही नहीं पाएंगे गांव वालों और वहां से निकलने वाली यात्रियों ने बताया कि रेल विभाग को जल्द से जल्द समस्या का निदान कर आना चाहिए इस समय करोना काल चल रहा है और बीमारियां फैलने की संभावनाएं अत्यधिक हैं l

सीतापुर - ज्ञानेंद्र मौर्य जिला ब्यूरो