Tuesday, 15 September 2026 | 3:47 AM
भारत

सीतापुर:तीसरे दिन वृत्रासुर वध एवं पिप्पलाद चरित्र का हुआ वर्णन, दधीचि कुंड पर हुई भव्य महाआरती*

मिश्रिख, सीतापुर।पावन धार्मिक नगरी मिश्रिख तीर्थ स्थित दधीचि कुंड में आयोजित भव्य महर्षि दधीचि कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया। कथा व्यास पंडित कृष्ण गोपाल राहुल जी महाराज ने अपने मुखारविंद से वृत्रासुर वध, पिप्पलाद ऋषि के जन्म, विवाह एवं उनके वंश का विस
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सीतापुर:तीसरे दिन वृत्रासुर वध एवं पिप्पलाद चरित्र का हुआ वर्णन, दधीचि कुंड पर हुई भव्य महाआरती*
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मिश्रिख, सीतापुर।पावन धार्मिक नगरी मिश्रिख तीर्थ स्थित दधीचि कुंड में आयोजित भव्य महर्षि दधीचि कथा के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ कथा का श्रवण किया। कथा व्यास पंडित कृष्ण गोपाल राहुल जी महाराज ने अपने मुखारविंद से वृत्रासुर वध, पिप्पलाद ऋषि के जन्म, विवाह एवं उनके वंश का विस्तृत वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।कथा व्यास ने कहा कि महर्षि दधीचि ने लोककल्याण के लिए अपनी अस्थियों का दान देकर देवताओं को शक्ति प्रदान की, जिसके परिणामस्वरूप वृत्रासुर का वध संभव हो सका। उन्होंने पिप्पलाद ऋषि के तप, त्याग एवं धर्ममय जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में ऋषि-मुनियों का योगदान अतुलनीय रहा है।कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। पंडाल में “हर-हर महादेव” एवं “दधीचि महाराज की जय” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए समुचित व्यवस्थाएं की गई थीं।कार्यक्रम में क्षेत्र के बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कथा के समापन पर आरती एवं प्रसाद वितरण किया गया। इसके उपरांत दधीचि कुंड पर भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। पूरे तीर्थ क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मुख्य यजमान सहित नगरवासियों ने बड़े धूमधाम एवं श्रद्धाभाव के साथ महाआरती में सहभागिता कर पुण्य लाभ प्राप्त किया तथा प्रसाद ग्रहण किया।