शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिलपरी की रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर एक महिला का एक यात्री बस के क्लीनर पीपी आदिवासी ने 28 अक्टूबर को उसे बहला फुसला कर उस समय अपहरण कर लिया था जब वह उसकी बस में सवार होकर अपनी मौसी के घर जा रही थी। आरोपी उसे मुरैना जिले के पहाड़गढ़ स्थित अपने गांव खरईपुर ले गया और उसका दैहिक शोषण किया। बताया जा रहा है कि महिला ने जब पीपी आदिवासी द्वारा किए जा रहे दैहिक शोषण का विरोध किया तो पीपी आदिवासी ने पॉलीथिन जलाकर पीड़िता के चेहरे पर, पेट पर, और पैर पर उसे जला दिया, जब इससे भी मन नहीं भरा तो पीड़िता को तालाब में डुबा-डुबा कर मारा पीटा। गांव वाले पीपी की हैवानियत देखते रहे लेकिन उन्होंने इस जुर्म के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठाई। अंततः पहाड़गढ़ की सरोज आदिवासी नाम की एक महिला उसे अपने साथ जयपुर ले गई, जहां उससे मजदूरी कराई गई, जिस पर वह जयपुर से भाग कर वापिस जौरा थाना क्षेत्र के ग्राम आलापुर मुरैना आ गई। वहां पीड़िता एक किन्नर के संपर्क में आई, जिसने मीडिया के माध्यम से पुलिस को मामले की जानकारी दी, जिसके बाद सूचना बैराड़ पुलिस को मिली और फिर बैराड़ पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज कर आरोपी पीपी के खिलाफ तमाम धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।
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शिवपुरी :- हैवानियत: पहले महिला को बनाया बंधक, फिर जलती पॉलीथिन की बूंदे टपकाकर दिए जख्म
शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के ग्राम सिलपरी की रहने वाली मानसिक रूप से कमजोर एक महिला का एक यात्री बस के क्लीनर पीपी आदिवासी ने 28 अक्टूबर को उसे बहला फुसला कर उस समय अपहरण कर लिया था जब वह उसकी बस में सवार होकर अपनी मौसी के घर जा रही थी। आरोपी उसे मुरैना जिले के पहाड़गढ़ स्थित अपने गांव खरईपुर
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