Tuesday, 15 September 2026 | 5:57 AM
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पीलीभीत में घर में घुसकर डकैती डालने वाले बदमाश को सात साल की कैद

पीलीभीत में डकैती के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डूंगराकोटी ने आरोपी को दोषी पाते हुए सात साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया। बरेली जिला कारागार में बंद लखीमपुर निवासी लखपत उर्फ खोपड़ा पर सुनगढ़ी थाने में 2016 में डकैती का एक मुकदमा दर्ज था। लखपत किसी अन्य मामले में बरेली
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पीलीभीत में घर में घुसकर डकैती डालने वाले बदमाश को सात साल की कैद
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पीलीभीत में डकैती के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डूंगराकोटी ने आरोपी को दोषी पाते हुए सात साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।

बरेली जिला कारागार में बंद लखीमपुर निवासी लखपत उर्फ खोपड़ा पर सुनगढ़ी थाने में 2016 में डकैती का एक मुकदमा दर्ज था। लखपत किसी अन्य मामले में बरेली जेल में बंद था। 22 दिसंबर 2023 को अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुनगढ़ी क्षेत्र में डकैती की घटना का जुर्म इकबाल करने के लिए एक प्रार्थना-पत्र न्यायालय में दिया। इसमें कहा कि वह बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से अपना जुर्म कबूल कर रहा है।

लखपत पर आरोप है कि 23 जुलाई 2016 की रात दो बजे सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के संतोषपुरा में अन्य अभियुक्त के साथ हथियार के दम पर उसने दयाशंकर के घर में घुसकर डकैती डाली थी। उसने इस घटना को स्वीकारते हुए कहा कि घटना उसके द्वारा ही की गई है। आरोपी द्वारा जुर्म स्वीकारने पर लखपत उर्फ खोपड़ा को न्यायालय ने दोषी पाते हुए दंडित किया। उपरोक्त मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नंदन बाबू गंगवार ने की।

पीलीभीत में चाकू मारकर हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विजय कुमार डूंगराकोटी ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 17 हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाया गया है।
मोहल्ला नौगवां पकड़िया निवासिनी सानिया मिर्जा ने पांच अगस्त 2021 को थाना सुनगढ़ी में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उसके बड़े भाई शाबेस उर्फ कल्लू उसी दिन शाम चार बजे घर से बाहर बाजार की तरफ चले गए थे। तभी वहां मोहल्ले के रफीउल्ला से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया। झगड़े में रफीउल्ला ने उसके भाई के पेट में चाकू मार दिया। इससे वह बुरी तरह घायल हो गए।

उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। बरेली ले जाते समय उसके भाई की मृत्यु हो गई। पुलिस ने पहले तो जान से मारने के प्रयास की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। वाद विवेचना पुलिस ने आरोप पत्र हत्या का न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावलियों पर मौजूद साक्ष्य का अवलोकन कर दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता (अपराध) नंदन बाबू गंगवार ने की।