Tuesday, 15 September 2026 | 3:42 AM
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पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस की पहल

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की तारीख पूरी तरह से तय हो गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पुतिन चार और पांच दिसंबर को भारत के औपचारिक दौरे पर होंगे। ऐसे में इस दौरे से पहले रूस ने एक बड़ा कदम उठाा है। इसके तहत रूस की निचली संसद (स्टेट डूमा) भारत के साथ हुए एक अहम सैन्य समझौते लॉजिस्
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पुतिन के भारत दौरे से पहले रूस की पहल
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत आने की तारीख पूरी तरह से तय हो गई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पुतिन चार और पांच दिसंबर को भारत के औपचारिक दौरे पर होंगे। ऐसे में इस दौरे से पहले रूस ने एक बड़ा कदम उठाा है। इसके तहत रूस की निचली संसद (स्टेट डूमा) भारत के साथ हुए एक अहम सैन्य समझौते लॉजिस्टिक्स समझौते का पारस्परिक आदान-प्रदान (RELOS) को मंजूरी देने वाली है। पुतिन अपने भारत दौरा के दौरान मुख्यतः 23वें भारत-रूस सालाना सम्मेलन में हिस्सा भी लेंने वाले हैं।

बता दें कि यह समझौता 18 फरवरी 2025 को मॉस्को में भारत के राजदूत विनय कुमार और रूस के तत्कालीन उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन ने साइन किया था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच लॉजिस्टिक सपोर्ट आसान बनाना संयुक्त सैन्य अभ्यास, आपदा राहत और अन्य सैन्य अभियानों के दौरान सहयोग को आसान और तेज करना है। इसको लेकर रूसी सरकार का कहना है कि इस समझौते को मंजूरी देने से दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और मजबूत होगा।

वहीं भारत रूस के बीच होने वाले इस समझौते के महत्व की बात करें तो स्थानीय रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक इस समझौते से संयुक्त सैन्य गतिविधियों की प्रक्रिया सरल होगी। दोनों देश एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और संसाधनों का शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए उपयोग कर सकेंगे। यह समझौता भविष्य में आर्कटिक क्षेत्र में होने वाले संयुक्त अभ्यासों तक लागू हो सकता है, क्योंकि भारत की LNG आपूर्ति यमाल प्रायद्वीप से होती है।