Tuesday, 15 September 2026 | 2:26 AM
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बेगूसराय में राहुल गांधी का मछुआरा समुदाय से जुड़ाव — तालाब में उतरे, समझी मेहनतकशों की तकलीफ़

बिहार:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 नवम्बर 2025 आज बेगूसराय की धरती पर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब कांग्रेस के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के साथ बिहार के मछुआरा समुदाय से मुलाकात की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह उस मिट्टी और मेहनतकश लोगों
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बेगूसराय में राहुल गांधी का मछुआरा समुदाय से जुड़ाव — तालाब में उतरे, समझी मेहनतकशों की तकलीफ़
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बिहार:(द दस्तक 24 न्यूज़) 02 नवम्बर 2025 आज बेगूसराय की धरती पर एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला, जब कांग्रेस के नेता विपक्ष राहुल गांधी ने वीआईपी पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी के साथ बिहार के मछुआरा समुदाय से मुलाकात की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह उस मिट्टी और मेहनतकश लोगों से सीधे जुड़ने का पल था, जो बिहार की नदियों, तालाबों और नहरों में अपनी ज़िंदगी का संघर्ष जीते हैं।

राहुल गांधी ने तालाब में उतरकर खुद मछलियाँ पकड़ीं — यह दृश्य सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि एक संदेश था कि असली भारत उसकी मेहनतकश जनता में बसता है। उन्होंने मछुआरा समाज के लोगों से उनके जीवन, चुनौतियों और संघर्षों पर विस्तार से बातचीत की।

राहुल गांधी ने कहा कि “बिहार की नदियां, नहरें और तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का माध्यम हैं। मछुआरे इस प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है।”

वीआईपी पार्टी प्रमुख मुकेश सहनी ने भी राहुल गांधी के साथ इस संवाद को बेहद सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज लंबे समय से उपेक्षित रहा है, लेकिन राहुल गांधी का यह कदम उनके दर्द को समझने और आवाज़ उठाने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

स्थानीय लोगों ने राहुल गांधी के इस जमीनी जुड़ाव का स्वागत किया। एक मछुआरे ने कहा, “पहली बार कोई बड़ा नेता हमारे तालाब में उतरा, हमारी बात सुनी। हमें लगा कि हमारी मेहनत और तकलीफ़ किसी ने दिल से महसूस की।”

राहुल गांधी के इस दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनके लिए राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के जीवन से जुड़ने और उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझने का माध्यम है।

बिहार की धरती पर यह दृश्य याद दिलाता है कि जब नेता जनता के बीच उतरता है, तब लोकतंत्र सच में जीवंत होता है। शायद इसी कारण राहुल गांधी को लोग “जननायक” कहकर पुकारते हैं — क्योंकि वे जनता के दर्द को महसूस करते हैं, और उनके साथ खड़े नज़र आते हैं।