Tuesday, 15 September 2026 | 2:21 AM
उत्तर प्रदेश

नगर निकाय चुनाव में सहादतगंज, जानकीपुरम विस्तार तृतीय वार्ड और खरगापुर के आरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल

नगर निगम की आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल तेजी से उठ रहे है। शनिवार को एक दिन में करीब 78 आपत्तियां आई, जिसमें लोगों को आरक्षण व्यवस्था पर भरोसा नहीं था। बड़ी बात यह है कि जानकारी के अभाव में कई लोग ऐसे रहे जो अभी तक अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा पाए है। सबसे ज्यादा शिकायत वार्ड नंबर 22 जानकीपुरम तृतीय
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नगर निकाय चुनाव में सहादतगंज, जानकीपुरम विस्तार तृतीय वार्ड और खरगापुर के आरक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल
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नगर निगम की आरक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल तेजी से उठ रहे है। शनिवार को एक दिन में करीब 78 आपत्तियां आई, जिसमें लोगों को आरक्षण व्यवस्था पर भरोसा नहीं था। बड़ी बात यह है कि जानकारी के अभाव में कई लोग ऐसे रहे जो अभी तक अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा पाए है।
सबसे ज्यादा शिकायत वार्ड नंबर 22 जानकीपुरम तृतीय और सआदतगंज वार्ड नंबर 24 से आई है। यहां पर सीटिंग पार्षद मोनू कनौजिया तो पहले ही दिन अपनी शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा गोमती नगर विस्तार खरगापुर को लेकर भी कई आपत्तियां आई हैं।
अभी बसपा और समाजवादी पार्टी की तरफ से आने वाले दिनों में आपत्तियों की संख्या बढ़ेगी। 5 दिसंबर को मैनपुरी चुनाव के बाद पार्टी की बैठक होगी, जिसमें एक साथ आपत्तियां जुटा कर जिलाधिकारी कार्यालय के सामने रखा जाएगा। उम्मीद है कि आपत्तियों की संख्या 500 के करीब होगी।
नगर पंचायत की बात करे तो सबसे ज्यादा सवाल बीकेटी नगर पंचायत पर उठे है। 13 आपत्तियां बीकेटी से आईं हैं। जानकीपुरम विस्तार कल्याण महासमिति के महासचिव विनय कृष्ण पाण्डेय और अन्य पदाधिकारी आपत्ति दर्ज कराने आए थे।
महीने के पहले शनिवार को तहसील स्तर पर सम्पूर्ण समाधान दिवस मनाया जाता है। इसमें डीएम और सभी एडीएम जिलाधिकारी कार्यालय की जगह समाधान दिवस में गए थे। ऐसे में कई लोग अपनी आपत्तियां दर्ज नहीं करा पाए। महासचिव विनय कृष्ण पाण्डेय ने बताया कि जब कोई नहीं मिला तो महासमिति के पदाधिकारी निर्वाचन आयोग पहुंचे। यहां आपत्ति लेने से मना कर दिया गया। वापस कलेक्ट्रेट पहुंचेतो एडीएम वित्त एवं राजस्व मिले। उन्होंनेकहा कि इसकी जिम्मेदारी एडीएम प्रशासन बिपिन मिश्रा की है। उनको बताया कि यहां कई गांव शहरी क्षेत्र में जुड़े है। आबादी का आकलन करने में गड़बड़ी की गई है। इसको सही करने की जरूरत है।