Tuesday, 15 September 2026 | 3:22 AM
भारत

पीएम की सऊदी यात्रा खाड़ी देशों के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता का संकेत; पूर्व विदेश सचिव ने कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की दो दिनी यात्रा मंगलवार से शुरू हो रही है। उनकी इस यात्रा को न केवल सऊदी अरब, बल्कि संपूर्ण खाड़ी और इस्लामी दुनिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर माना जा रहा है। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला का कहना है कि पीएम मोदी की सऊदी अ
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पीएम की सऊदी यात्रा खाड़ी देशों के साथ संबंधों में प्रगाढ़ता का संकेत; पूर्व विदेश सचिव ने कही ये बात
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सऊदी अरब की दो दिनी यात्रा मंगलवार से शुरू हो रही है। उनकी इस यात्रा को न केवल सऊदी अरब, बल्कि संपूर्ण खाड़ी और इस्लामी दुनिया के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में एक प्रमुख मील का पत्थर माना जा रहा है। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला का कहना है कि पीएम मोदी की सऊदी अरब की यात्रा खाड़ी देशों के साथ भारत के संबंधों की प्रगाढ़ता का संकेत है। शृंगला ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में, विशेषकर क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) के साथ उनके घनिष्ठ संबंधों के कारण, संबंधों में परिवर्तन आया है। पीएम की यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है। शृंगला ने कहा कि भारत और सऊदी के बीच मजबूत संबंधों का एक प्रमुख कारण ऊर्जा हो सकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि सऊदी अरब उन देशों में से एक है जिनके बास जीवाश्म ईंधन (पेट्रोल-डीजल) का विशाल भंडार है। यह आयातक के रूप में हमारे लिए महत्वपूर्ण है। सऊदी अरब भी भारत को एक भागीदार के रूप में देखता है। पीएम की यात्रा को मील का पत्थर बताते हुए शृंगला ने कहा, यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की सऊदी अरब की तीसरी यात्रा है, जो भारत-सऊदी और पूरे अरब और इस्लामी दुनिया के साथ भारत के संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। पश्चिम एशिया में सऊदी अरब की प्रमुख भूमिका और भारत के लिए इसके रणनीतिक महत्व को देखते हुए पूर्व राजदूत महेश सचदेव ने पीएम की यात्रा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी परिषद के गठन का उल्लेख किया, जिसका दूसरा सत्र प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान जेद्दा में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे दोनों पक्षों को शीर्ष स्तर पर बातचीत, विचारों का आदान-प्रदान और द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं पर विचार करने का अवसर मिलेगा। सचदेव ने कहा, भारत और सऊदी अरब के बीच बहुत मजबूत व्यापारिक संबंध हैं, लेकिन निवेश संबंध उनकी क्षमता से कम हैं। रक्षा सहयोग पर उन्होंने कहा कि सऊदी ऐसे मित्रों की तलाश में है जो उनकी रक्षा क्षमता को बढ़ा सकें और भारत ऐसा ही मित्र है।