Tuesday, 15 September 2026 | 7:20 AM
भारत

भाजपा के सभी कार्यालयों को पेपरलेस करने का पायलट प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश से होगा शुरू

सियासत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शुरू से बढ़त रखने वाली भाजपा एक और नवाचार करने जा रही है। लोगों को इंटरनेट मीडिया के जरिये अपनी समस्याएं बताने की सुविधा पार्टी देने जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं को लेकर होने वाली परेशानियों का भी समाधान हो सकेगा। आवेदक या शिकायतकर्ता को इसके लिए विधायक या पार्टी का
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भाजपा के सभी कार्यालयों को पेपरलेस करने का पायलट प्रोजेक्ट मध्यप्रदेश से होगा शुरू
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सियासत में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शुरू से बढ़त रखने वाली भाजपा एक और नवाचार करने जा रही है। लोगों को इंटरनेट मीडिया के जरिये अपनी समस्याएं बताने की सुविधा पार्टी देने जा रही है। इससे सरकारी योजनाओं को लेकर होने वाली परेशानियों का भी समाधान हो सकेगा। आवेदक या शिकायतकर्ता को इसके लिए विधायक या पार्टी कार्यालय तक नहीं जाना होगा, न महानगरों में स्थित कार्यालयों या मंत्रालय के बार-बार चक्कर काटने पड़ेंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के इस नवाचार की शुरुआत मध्य प्रदेश से की जा रही है। प्रदेश में भाजपा विधायकों और पार्टी के सभी कार्यालयों को पेपरलेस करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा ताकि लोगों का जुड़ाव बढ़े और कार्यालयों में भीड़ कम हो। कोई भी जानकारी, शिकायत, मदद के आवेदन विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को तत्काल मिलेंगे, जिससे समाधान की कार्रवाई तेज होगी।

मोदी कैबिनेट से लेकर भाजपा के केंद्रीय संगठन तक में मप्र की प्रभावी मौजूदगी है। केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में भी प्रदेश अव्वल रहा है। आरएसएस की भी पहली पसंद मप्र मानी जाती रही है। पार्टी का मानना है कि मप्र में नवाचार बेहद सफल रहेगा। इससे पूरे देश में न केवल बेहतर संदेश जाएगा, बल्कि दूसरे राज्यों को मॉडल समझाने में आसानी रहेगी।

पार्टी और विधायकों के कार्यालयों को इंटरनेट मीडिया के प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यू-ट्यूब सहित विभिन्न एप से जोड़ा जाएगा। इसमें आमजन अपनी बात सीधे पार्टी और विधायकों तक पहुंचा सकेंगे। इसके लिए इंटरनेट मीडिया का संचालन करने वाली टीम रहेगी। यह टीम आवेदन या शिकायतों को संबंधित तक तत्काल पहुंचाएगी और कार्रवाई की जानकारी भी लेती रहेगी। इस माध्यम का उपयोग जनता से फीडबैक लेने में भी किया जा सकेगा।

आमजन की आम शिकायत रही है कि चुनाव के बाद विधायकों से मिलना संभव नहीं हो पाता। कार्यकर्ताओं के भरोसे भेंट होने से अक्सर काम नहीं बन पाते या लंबे समय तक लंबित रहते हैं। समस्याओं के समाधान पर क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी आवेदक को नहीं मिल पाती। अब सारी कवायद ऑनलाइन होने से लोगों का पार्टी और विधायकों से जुड़ाव बना रहेगा। विधायकों को मुरलीराव ने दिए संकेत उज्जैन में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में मप्र प्रभारी व राष्ट्रीय महासचिव पी. मुरलीधर राव स्पष्ट कर चुके हैं कि इंटरनेट मीडिया पर जो नेता सक्रिय रहेगा, वही बचेगा। उन्होंने इसका उपयोग लोगों की समस्याओं के समाधान, मदद और लगातार संपर्क के लिए करने को कहा है। साथ ही चेताया भी कि इसमें पिछड़ने वालों के लिए भविष्य में राजनीति में जगह बचाना संभव नहीं होगा। उन्होंने साइबर सैनिक की जरूरत भी बताई, जो विश्व में भारत के खिलाफ इंटरनेट पर किए जा रहे दुष्प्रचार का डटकर मुकाबला करें।

भाजपा ट्विटर पर फॉलोअर्स का ही आंकड़ा देखें तो मप्र भाजपा बेहद मजबूत है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान- 70 लाख

ज्योतिरादित्य सिंधिया- 37 लाख

नरेंद्र सिंह तोमर- पांच लाख एक हजार

उमा भारती- तीन लाख 86 हजार

नरोत्तम मिश्रा- एक लाख 95 हजार

वीडी शर्मा- एक लाख 56 हजार

भूपेंद्र सिंह- एक लाख 06 हजार

विश्वास सारंग- 83 हजार

तुलसी सिलावट- 67 हजार

रामेश्वर शर्मा- 65 हजार।

लोकसभा पेपरलेस हो रही है इसलिए मप्र भाजपा और जनप्रतिनिधियों को भी पेपरलेस करने की तैयारी पर पार्टी काम कर रही है। इससे आम जनता को राहत मिलेगी। प्रदेश संगठन को देश का रोल मॉडल बनाना चाहते हैं- विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष भाजपा मप्र।

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आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ