Tuesday, 15 September 2026 | 3:53 AM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत : पुलिस द्वारा थाना एचटीयू व चाइल्डलाइन की मदद से मानसिक रूप से बीमार 13 वर्षीय बालिका को परिजनों की तलाश कर सुपुर्द किया गया l

पीलीभीत : चाइल्डलाइन पीलीभीत के जिला समन्वयक निर्वान सिंह ने बताया कि दिनांक 3 जुलाई 2022 को एक लगभग 13 वर्षीय बालिका जोकि अपना मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण जनपद अमरोहा से ट्रेन के माध्यम से शाहजहांपुर होते हुए जनपद पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के भोपतपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई, जहां पर जीआ
Share:
Read in your preferred language.

पीलीभीत : चाइल्डलाइन पीलीभीत के जिला समन्वयक निर्वान सिंह ने बताया कि दिनांक 3 जुलाई 2022 को एक लगभग 13 वर्षीय बालिका जोकि अपना मानसिक संतुलन ठीक न होने के कारण जनपद अमरोहा से ट्रेन के माध्यम से शाहजहांपुर होते हुए जनपद पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र के भोपतपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई, जहां पर जीआरपी ने बालिका को थाना बरखेड़ा के सुपुर्द करते हुए चाइल्डलाइन 1098 को इसकी सूचना दी। सूचना उपरांत चाइल्डलाइन रात्रि में ही थाना बरखेड़ा पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए रात्रि में ही बालिका को वन स्टॉप सेंटर पीलीभीत में प्रवेशित कराया। आज दिनांक 4 जुलाई 2022 को बालिका से चाइल्डलाइन द्वारा जानकारी ली, तो बालिका ने बताया कि वह मुरादाबाद के एक गांव की रहने वाली है जिसकी पता पुष्टि हेतु चाइल्डलाइन टीम ने मुरादाबाद चाइल्डलाइन एवं थाना एएचटीयू पीलीभीत के प्रभारी निरीक्षक जगत सिंह व का0 भानु प्रताप द्वारा एएचटीयू मुरादाबाद को मामले से अवगत कराया परंतु बालिका द्वारा गलत पता बताए जाने के कारण उसके परिजनों का पता नहीं चल सका, पीलीभीत चाइल्डलाइन एवं थाना एएचटीयू एवं थाना बरखेड़ा के साझा प्रयास से ज्ञात हुआ कि बालिका जनपद मुरादाबाद की ना होकर जनपद अमरोहा के एक गांव की रहने वाली है तथा बालिका के सिर का ऑपरेशन होने के कारण बालिका का मानसिक संतुलन ठीक नहीं रहता है जिसके चलते वह ट्रेन के माध्यम से पीलीभीत पहुंच गयी, पुलिस द्वारा बालिका के माता-पिता से संपर्क होने के कारण माता-पिता पीलीभीत पहुंचे जिन्हें चाइल्डलाइन टीम द्वारा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, न्यायपीठ की चेयरपर्सन श्रीमती पूर्णिमा पांडे तथा अन्य सदस्यों के द्वारा चाइल्डलाइन को आदेशित किया गया, कि उक्त बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाए। बाल कल्याण समिति से प्राप्त आदेशानुसार चाइल्डलाइन टीम व एएचटीयू पीलीभीत के प्रयासों से बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।