Tuesday, 15 September 2026 | 3:24 AM
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पीलीभीत:उप जिलाधिकारी के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।

पूरनपुर तहसील परिसर में पिछले तीन दिनों से भारतीय किसान यूनियन (भानु) का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा था। किसानों की जमीन संबंधी समस्याओं, रास्तों की खराब स्थिति और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज संगठन के कार्यकर्ता लगातार धरने पर बैठे हुए थे। बुधवार को आंदोलन ने और रफ्तार पकड़ी जब भाकियू के जिला अ
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पीलीभीत:उप जिलाधिकारी के आश्वासन पर धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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पूरनपुर तहसील परिसर में पिछले तीन दिनों से भारतीय किसान यूनियन (भानु) का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन चल रहा था। किसानों की जमीन संबंधी समस्याओं, रास्तों की खराब स्थिति और प्रशासनिक अनदेखी से नाराज संगठन के कार्यकर्ता लगातार धरने पर बैठे हुए थे। बुधवार को आंदोलन ने और रफ्तार पकड़ी जब भाकियू के जिला अध्यक्ष भजनलाल क्रोधी व अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष नासिर शाह के नेतृत्व में जिले के अन्य पदाधिकारी भी पूरनपुर तहसील पहुंचे और धरना प्रदर्शन को तेज किया।धरना स्थल पर बढ़ती सक्रियता को देखते हुए उपजिलाधिकारी पूरनपुर स्वयं मौके पर पहुंचे और भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता की। लगभग आधे घंटे तक चली बातचीत के बाद प्रशासन की ओर से किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर लिखित आश्वासन दिया गया, जिसके बाद धरना प्रदर्शन को स्थगित कर दिया गया। भाकियू द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में नवदिया मुजप्ता निवासी किसान विनोद कुमार की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की मांग प्रमुख थी। किसान का आरोप है कि ग्राम बिनौरा खास (माधौटांडा) व रामपुर (महाराजपुर) स्थित उसकी कृषि भूमि पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत करने पर प्रशासन ने सात दिन में कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई हल नहीं निकला, जिससे किसान और संगठन दोनों में रोष था।
इसके अलावा ग्राम लाह में मनरेगा योजना के अंतर्गत हुए कार्य के दौरान दोनों ओर लगे पेड़ों की स्थिति पर भी सवाल उठाए गए। संगठन के अनुसार राजेंद्र पुत्र हीरालाल ने अपने पेड़ हटा लिए, जबकि विपक्ष की ओर से अभी तक पेड़ नहीं हटाए गए हैं, जिससे विवाद बना हुआ है।
ग्राम चंदोखा में चकरोड की जमीन पर विपक्ष द्वारा कब्जा कर लिया गया है और इसी मामले में किसान सीताराम पर मुकदमा भी कायम कर दिया गया, जिसे लेकर संगठन ने न्यायिक जांच की मांग रखी। साथ ही ग्राम लाह में टूटी पड़ी इंटरलॉक सड़क से निकलने में ग्रामीणों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने मांग की कि तुरंत पाइप की व्यवस्था कर निकासी की समस्या का समाधान कराया जाए। वार्ता के बाद प्रशासन ने सभी मामलों पर शीघ्र कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में समाधान नहीं हुआ, तो संगठन दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होगा।