पीलीभीत पूरनपुर-तराई क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को रखने के लिए या शासन के समक्ष उठाने के लिए एक तराई क्षेत्र के अपने संगठन को महती आवश्यकता विगत कई वर्षों से महसूस की जा रही थी। इस संबंध में विचार विमर्श हेतु दिनांक 14 -06-2022 को एक विचार गोष्ठी व सभा का आयोजन ग्राम अजीतपुर बिल्हा मैं किया गया जिसमें प्रबुद्ध लोगों ने प्रतिभाग लिया व विचार रखे कि अन्न उत्पादन से लेकर जल वन से भरपूर संपदा है हमारा तराई क्षेत्र का उत्पादन पूरी दुनिया को निर्यात होता है। परंतु विकास के मामले में ग्रामीण क्षेत्रों की खस्ताहाल सड़कें, लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था, बदहाल शिक्षा व्यवस्था, आदि मामलों में संपूर्ण तराई क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है प्रदेश सरकार के बजट का काफी हिस्सा पूर्वांचल व पश्चिम में खर्च होता है परंतु मध्य तराई क्षेत्रों को नपातुला ही पल्ले पड़ता है। इसलिए एक संगठन की बहुत ही आवश्यकता महसूस हो रही थी। इसलिए कुछ संभ्रांत लोगों से विचार-विमर्श के बाद सभी के सुझाए गए नाम तराई विकास मोर्चा के गठन का प्रस्ताव पास किया व सर्वसम्मति से इसका संयोजक सच्चिदानंद वर्मा को बनाकर इसका शीघ्र रजिस्ट्रेशन कराने व कार्यकारिणी गठन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सच्चिदानंद वर्मा संयोजक, डॉक्टर जागेश्वर दयाल वर्मा, विजय स्वरूप, श्री राम, राम नाथ वर्मा, बच्चू सिंह, अर्चना वर्मा पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सत्यपाल वर्मा, चंदन सिंह, कमलेश देवी, भुवनेशचंद्र,अभिषेक कुमार समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश
पीलीभीत : तराई क्षेत्र की समस्याओं को लेकर तराई विकास मोर्चा का किया गया गठन।
पीलीभीत पूरनपुर-तराई क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को रखने के लिए या शासन के समक्ष उठाने के लिए एक तराई क्षेत्र के अपने संगठन को महती आवश्यकता विगत कई वर्षों से महसूस की जा रही थी। इस संबंध में विचार विमर्श हेतु दिनांक 14 -06-2022 को एक विचार गोष्ठी व सभा का आयोजन ग्राम अजीतपुर बिल्हा मैं किया गया जिसम
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