Monday, 14 September 2026 | 10:59 PM
भारत

पीलीभीत: विज्ञान हलचल कार्यक्रम में छात्रों ने सीखी पवन ऊर्जा और हाइड्रोग्राफी की बारीकियां

पीलीभीत। समाधान आईएपीटी अंवेषिका के तत्वावधान में सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से ‘विज्ञान हलचल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान विषयों से अवगत कराने के उद्देश्य से पवन ऊर्जा और हाइड्रोग्राफी पर विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजन में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिय
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पीलीभीत: विज्ञान हलचल कार्यक्रम में छात्रों ने सीखी पवन ऊर्जा और हाइड्रोग्राफी की बारीकियां
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पीलीभीत। समाधान आईएपीटी अंवेषिका के तत्वावधान में सोमवार को ऑनलाइन माध्यम से ‘विज्ञान हलचल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान विषयों से अवगत कराने के उद्देश्य से पवन ऊर्जा और हाइड्रोग्राफी पर विस्तार से जानकारी दी गई। आयोजन में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैज्ञानिक तथ्यों को रचनात्मक रूप से समझने का प्रयास किया।कार्यक्रम के दौरान समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने हाइड्रोग्राफी विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि यह विज्ञान की वह शाखा है, जो महासागर, समुद्र, झीलों और तटीय क्षेत्रों की विशेषताओं का अध्ययन और मापन करती है। हाइड्रोग्राफी का मुख्य उद्देश्य नौचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास से जुड़ी समुद्री गतिविधियों के लिए भी किया जाता है।शर्मा ने बताया कि हाइड्रोग्राफी में समुद्री जल की प्रकृति, समुद्र तल की भौगोलिक संरचना, ज्वारीय धाराएं, तरंगें और किनारों की विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में हाइड्रोग्राफी नौवहन का अहम हिस्सा बन चुकी है। हर वर्ष 21 जून को विश्व हाइड्रोग्राफी दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2025 की थीम 'Seabed Mapping: Enabling Ocean Action' रखी गई है, जो समुद्र तल के मानचित्रण के माध्यम से महासागर आधारित कार्यों को सशक्त बनाने पर बल देती है।कार्यक्रम में पवन ऊर्जा विषय पर जानकारी देते हुए अमित शर्मा ने कहा कि गतिमान वायु को पवन कहा जाता है और इसी गति से उत्पन्न होने वाली ऊर्जा को पवन ऊर्जा कहा जाता है। यह ऊर्जा का एक स्वच्छ, नवीकरणीय और टिकाऊ स्रोत है, जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने बताया कि पवन टरबाइन की सहायता से अनेक देश बिजली उत्पन्न कर रहे हैं और इसके माध्यम से रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि चीन, जर्मनी, भारत, स्पेन, यूनाइटेड किंगडम और ब्राजील जैसे देश पवन ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी हैं। पवन ऊर्जा के महत्व को रेखांकित करने हेतु प्रत्येक वर्ष 15 जून को विश्व पवन दिवस मनाया जाता है।इस अवसर पर एक पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में जीविका मंडल ने उत्कृष्ठ प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और विज्ञान के प्रति जागरूकता बनाए रखने की प्रेरणा दी गई।