पूरनपुर। हरियाली के कातिलों ने रातोंरात हरे भरे पेड़ों पर आरा चला कर उनको नष्ट कर दिया। रातो रात लकड़ी काटकर उसको ठिकाने लगा दिया।बताया जाता है कि यह पूरा वाग स्थानीय वन विभाग की मिलीभगत से किया गया। पर्यावरण प्रेमियों में इसको लेकर रोष है।
प्रदेश सरकार जहां एक और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए लाखों रुपए खर्च कर पौधारोपण करा रही है।इससे लोगों को पेड़ों से होने वाले लाभ मिल सके।वही हरियाली के कातिल सरकार के अरमानों पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।ताजा मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव चंदुया कालौनी का है।जहां ठेकेदार ने मिली भगत कर हरे भरे पेड़ों पर आरा चला दिया। हर हरे भरे पेड़ों को काटकर रातों-रात ठेकेदार ने लकड़ी गायब कर दी।ठेकेदारों द्वारा वन विभाग की मिलीभगत से लगातार क्षेत्र में अवैध कटान का धंधा बेधड़क होकर किया जा रहा है।विभागीय अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने पर ठेकेदारों के हौसले बुलंद हैं,जो मिलीभगत करके हरे भरे पेड़ों को काटकर ठिकाने लगा रहे हैं।वन विभाग सूचना होने के बावजूद कार्रवाई कराने में खतरा रहा है। लगातार हो रहे हरे भरे पेड़ों के कटान से हरियाली का अस्तित्व धीरे-धीरे मिटता जा रहा है।जागरूक लोगों का कहना है कि कई बार हरियाली को बचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया।लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। इसके चलते लगातार हरे भरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है।बन दरोगा कपिल गुप्ता ने बताया चंदिया कालौनी गांव में पेड़ काटने की जानकारी नहीं है।सिसैया गांव में तीन पेंड काटे गए थे।जिनका परमिट था।चंदुया के मामले में जानकारी जुटाई जा रही है।अगर ऐसा है तो ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी।
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पीलीभीत :पूरनपुर के चंदुया में ठेकेदार ने काट दिए हरे भरे पेंड
पूरनपुर। हरियाली के कातिलों ने रातोंरात हरे भरे पेड़ों पर आरा चला कर उनको नष्ट कर दिया। रातो रात लकड़ी काटकर उसको ठिकाने लगा दिया।बताया जाता है कि यह पूरा वाग स्थानीय वन विभाग की मिलीभगत से किया गया। पर्यावरण प्रेमियों में इसको लेकर रोष है। प्रदेश सरकार जहां एक और पर्यावरण को बढ़ावा देने के लिए लाखो
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