Tuesday, 15 September 2026 | 3:49 AM
भारत

पीलीभीत:किसानों की समृद्धि के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के सराहनीय प्रयास‘‘बरसा रहा है रवि अनल, भूतलत वासा जल रहा,है चल रहा सन सन पवन, तन से पसीना बह रहा।

पीलीभीत: मैथिली शरणगुप्त की ये पंक्तिया किसानों के संघर्ष को बयां करती है। क्योंकि किसान विकट परिस्थितियों में भी सदैव अपने कर्म में लीन रहता है। क्या सुख, क्या दुख, क्या धूप, क्या छांव अन्नदाता कभी भी अपने कर्त्तव्य पथ से विचलित नहीं होता। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ने किसानों के दर्द को बेहतर त
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पीलीभीत: मैथिली शरणगुप्त की ये पंक्तिया किसानों के संघर्ष को बयां करती है। क्योंकि किसान विकट परिस्थितियों में भी सदैव अपने कर्म में लीन रहता है। क्या सुख, क्या दुख, क्या धूप, क्या छांव अन्नदाता कभी भी अपने कर्त्तव्य पथ से विचलित नहीं होता। उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार ने किसानों के दर्द को बेहतर तरीके से महसूस किया है। किसानों की आय दोगुना करने के लक्ष्य के साथ सरकार ने कई कदम उठाए हैं जिनसे किसान न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं बल्कि उनकी सामाजिक अवस्थिति भी तेजी से बदल रही है। प्रदेश में ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत 2 करोड़ 53 लाख से अधिक किसानों के खाते में अब तक कुल रु0 37,521 करोड़ की रुपये हस्तांतरित किये जा चुके है। इसके अलावा 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के ऋण का मोचन किया जा चुका है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत किसानों के खाते में रु0 2376 करोड़ की क्षतिपूर्ति हस्तांतरित की जा चुकी है। किसानों के हित को देखते हुए एम.एस.पी. में लगभग दोगुना तक की वृद्धि की जा चुकी है साथ ही किसानों से 435 लाख मी0 टन खाद्यान्न खरीद कर रु0 79000 करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।प्रदेश के किसानों को लगभग 4 लाख 25 हजार करोड़ रुपये का फसली ऋण वितरित किया गया है व कृषि निवेशों पर देय रु0 2151.30 करोड़ अनुदान राशि किसानों के खाते में हस्तांतरित की जा चुकी हैं।

1.06 लाख मी0 टन मक्का की खरीद की है जो निर्धारित लक्ष्य से डेढ़ गुना ज्यादा है। किसानों की जीतोड़ मेहनत से अनाज पैदा होता है ऐसे में किसानों को उपज की सही कीमत मिलना अत्यंत आवश्यक होता है प्रदेश सरकार ने किसानों को धान का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से कामन धान का समर्थन मूल्य रु0 1940 तथा ग्रेड-ए धान का मूल्य 1960 प्रति कुन्तल निर्धारित किया है। इसके साथ प्रति कुंतल उतराई-छनाई हेतु रु0 20 का अतिरिक्त भुगतान की व्यवस्था की गयी है। प्रदेश सरकार ने 45 कृषि उत्पादों को मंडी शुल्क से मुक्त किया है व मंडी शुल्क में 1 प्रतिशत की घटोत्तरी भी की गयी है। मण्डियों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए 27 मण्डियों का आधुनिकीकरण किया गया है। कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए जितनी जरूरी तकनीकि होती है उतना ही महत्व किसानों के प्रशिक्षण का भी होता है क्योंकि प्रशिक्षित किसान ही नई तकनीकों का बेहतर तरीके से उपयोग कर सकता है इसके लिए प्रदेश सरकार ने -
‘द मिलियनफार्मर्सस्कूल’ में 63.77 लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षित किया है। मृदा की गुणवत्ता को बेहतर बनाये रखने के लिए 3.76 करोड़ से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। इसके साथ ही कृषि शोधों को बढ़ावा देने के लिए 20 कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना की गयी है। प्रदेश सरकार ने पशुओं के स्वास्थ्य के दृष्टिगत गोरखपुर में वैटरनरी विश्व विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रदेश की मण्डियों को सुरक्षित वातारण उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन मण्डी समिति के व्यापारी एवं आढ़ती दुर्घटना सहायता योजना’ व ‘मुख्यमंत्री मण्डी स्थल/उप मण्डी स्थल दुर्घटना सहायता योजना ’लागू की गयी है। किसानों के कल्याण हेतु प्रदेश सरकार द्वारा‘उत्तर प्रदेश किसान समृद्धि आयोग’ का गठन किया गया है। प्रदेश सरकार की किसान हितैषी नीतियों के कारण ही भारत सरकार द्वारा प्रदेश सरकार को कृषि कर्मण पुरस्कार प्रदान किया गया है।