Tuesday, 15 September 2026 | 1:23 AM
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मेडिकल रैप से पीड़ित लोगो ने डॉक्टर के खिलाफ खटखटाया अदालत का दरवाजा

न्यूयॉर्क (New York) की एक महिला ने एक डॉक्टर पर स्पर्म (Sperm) में हेराफरी करने का आरोप लगाया है. महिला ने ये आरोप 40 साल बाद लगाए हैं. महिला का दावा है कि कई साल पहले वो एक डॉक्टर से प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की समस्या को लेकर मिली थी. इस दौरान डॉक्टर ने बिना उसकी इजाजत के अपने स्पर्म उसके भीतर दाखि
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मेडिकल रैप से पीड़ित लोगो ने डॉक्टर के खिलाफ खटखटाया अदालत का दरवाजा
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न्यूयॉर्क (New York) की एक महिला ने एक डॉक्टर पर स्पर्म (Sperm) में हेराफरी करने का आरोप लगाया है. महिला ने ये आरोप 40 साल बाद लगाए हैं. महिला का दावा है कि कई साल पहले वो एक डॉक्टर से प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की समस्या को लेकर मिली थी. इस दौरान डॉक्टर ने बिना उसकी इजाजत के अपने स्पर्म उसके भीतर दाखिल कर उसे गर्भवती कर दिया. अब इस घटना को डॉक्टरों की भाषा में ‘मेडिकल रेप’ (medical Rape) कहा जा रहा है.

महिला का नाम बियांका वास है. कोर्ट में जमा दस्तावेज में बियांका ने कहा कि वो 1983 में डॉ मॉर्टिन ग्रीनबर्ग से मिली थी. उन्हें किसी स्पर्म डोनर की तलाश थी. महिला प्रेग्नेंट न होने की समस्या का सामना कर रही थी. बियांका के मुताबिक डॉक्टर ने अपने स्पर्म से बिना पूछे उसे गर्भवती कर दिया. महिला दावा कर रही है कि उसे डॉक्टर की इस हरकत का पता 40 साल बाद लगा है.

ली 100 डॉलर की फीस

महिला ने बताया कि डॉक्टर ने किसी दूसरे व्यक्ति के स्पर्म से प्रयोग करने की बात कही थी. इसके लिए उसने महिला से 100 डॉलर बतौर फीस के रूप में भी लिए थे. डॉक्टर ने महिला से डोनर के बारे में किसी तरह की प्राथमिकताओं को लेकर भी पूछा था. महिला ने किसी भी तरह की प्राथमिकता से इनकार करते हुए अनजान से ही स्पर्म डोनेट कराने की बात कही थी. बियांका का कहना है कि उन्हें लगा कि ये स्पर्म डॉक्टर के किसी परिचित व्यक्ति का है.

डॉक्टर पर था भरोसा

अब सवाल ये कि महिला को इतने सालों बाद इस घटना के बारे में कैसे पता चला? महिला ने कुछ दिनो पहले अपनी बड़ी बेटी रोबर्टा के डीएनए की जांच कराई. रिपोर्ट में उसके पिता का नाम डॉक्टर ग्रीनबर्ग लिखा हुआ है. इसके बाद महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कहा कि ये अवैध और अस्वीकार्य है. इससे मरीजों का डॉक्टर पर भरोसा कम होता है.

महिला ने ये दावे डीएनए रिपोर्ट के आधार पर किए हैं. उनका कहना है कि उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था, जिसका उन्होंने डीएमए टेस्ट नहीं करवाया क्योंकि उन्हें भरोसा था कि डॉक्टर अपने स्पर्म कभी डोनेट नहीं करते हैं.