Monday, 14 September 2026 | 11:43 PM
भारत

गाजीपुर सीमा पर किसानों से मिलने गए विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका, हरसिमरत कौर ने कही ये बात

 दिल्ली की सीमा पर जुटे किसानों को आज 71 दिन होने जा रहे हैं। तीन कृषि कानूनों को रद व MSP पर कानून को लेकर किसान लंबे समय से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की एक ही मांग है कि जल्द से जल्द कानून रद हो। वहीं, 26 जनवरी को ये आंदोलन दिल्ली पर भारी पड़ा था, जहां प्रदर्शनकारी लाल किले
Share:
गाजीपुर सीमा पर किसानों से मिलने गए विपक्षी नेताओं को पुलिस ने रोका, हरसिमरत कौर ने कही ये बात
Read in your preferred language.

 दिल्ली की सीमा पर जुटे किसानों को आज 71 दिन होने जा रहे हैं। तीन कृषि कानूनों को रद व MSP पर कानून को लेकर किसान लंबे समय से सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसानों की एक ही मांग है कि जल्द से जल्द कानून रद हो। वहीं, 26 जनवरी को ये आंदोलन दिल्ली पर भारी पड़ा था, जहां प्रदर्शनकारी लाल किले तक पहुंच गए थे और भारत की गरिमा को चोट पहुंचाई थी। हालांकि, उस मामले में किसान नेता का कहना है कि वह सब सरकार के लोग थे। अब जहां किसानों के आंदोलन को राजनीतिक पार्टियों द्वारा भी समर्थन मिल रहा है। आए दिन कोई न कोई नेता दिल्ली की सीमा पर जाकर अपना समर्थन देता है। आज उस कड़ी में विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल भी गाजीपुर सीमा पर पहुंचा है। सीमा पर ताजा अपडेट के लिए जुड़े रहें...

-गाजीपुर सीमा पर प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने गए विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल वापस लौट रहा।

-SAD MP हरसिमरत कौर बादल बोलीं- हम यहां हैं ताकि हम इस मुद्दे (किसानों के विरोध) पर संसद में चर्चा कर सकें, स्पीकर हमें इस मुद्दे को उठाने नहीं दे रहे हैं। अब सभी पक्ष इस बात का विवरण देंगे कि यहां क्या हो रहा है।

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं
कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.
-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g

आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ