Tuesday, 15 September 2026 | 2:41 AM
भारत

NDA की संसदीय दल की बैठक आज सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में होगी

नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की संसदीय दल की बैठक आज सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में होगी। इसमें सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। साथ ही NDA सांसदों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर भी सहमति बनाने की कोशिश होगी। 9 तारीख को नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उन्हें NDA
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NDA की संसदीय दल की बैठक आज सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में होगी
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नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की संसदीय दल की बैठक आज सुबह 11 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में होगी। इसमें सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। साथ ही NDA सांसदों के बीच मंत्रालयों के बंटवारे पर भी सहमति बनाने की कोशिश होगी।
9 तारीख को नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। उन्हें NDA का नेता बुधवार को ही चुन लिया गया था।
मोदी ने बुधवार को राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा था। राष्ट्रपति ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर 17वीं लोकसभा भंग कर दी। हालांकि, नई सरकार के गठन तक मोदी कार्यवाहक प्रधानमंत्री हैं।
नड्डा के आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक
दिल्ली में गुरूवार को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर को अहम बैठक हुई। इसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में नई सरकार बनाने, भाजपा और उसके सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में जगह देने और शपथ ग्रहण की तैयारियों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की खबर है।
वो 6 बड़े मुद्दे, जिन पर ठिठक सकते हैं कदम
एक देश-एक चुनाव: इस पर आगे बढ़ना मुश्किल होगा। TDP इसके विरोध, जबकि JDU समर्थन में है। विरोध करने वाला विपक्ष भी मजबूत हुआ है।
परिसीमन : भाजपा ने 2029 तक महिला आरक्षण का वादा किया है। यह परिसीमन पर ही लागू होगा। दक्षिण में असर के चलते TDP विरोध में है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड : भाजपा इसे देश में लागू करने को तैयार थी। अब पार्टी इसे राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से हटा सकती है।
काशी-मथुरा : राम मंदिर का फायदा न मिलने से इन पर दावे की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है।
विनिवेश : JDU सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में विनिवेश के विरोध में रही है। भाजपा को इससे कदम पीछे खींचने पड़ सकते हैं। पार्टी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की भी मांग करती रही है
मुस्लिम आरक्षण : TDP ने 2018 में आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा न देने के मुद्दे पर भाजपा से नाता तोड़ लिया था। अब वह फिर मांग दोहरा सकती है। यही नहीं, आंध्र में मुस्लिमों को 4% आरक्षण के मुद्दे पर भी दोनों पार्टियों के अहम टकरा सकते हैं।