Tuesday, 15 September 2026 | 12:00 PM
उत्तर प्रदेश

खनन माफियाओं के हौसले हुए बुलंद, बच्चे को कुचल जिंदा मिट्टी में दबाने का प्रयास

मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र रामगंगा चौकी के पास अंगूरी टांडा का है, जहां पर सुबह 4:00 बजे खनन माफियाओं की ट्रैक्टर ट्राली से दबाने से 10 बर्स के बच्चे की मौत हो गई । बरेली में खनन माफिया इस तरह सक्रिय हैं जो कि दिन रात खनन माफिया बेखोपी के साथ रामगंगा से खनन कर रहे हैं
Share:
खनन माफियाओं के हौसले हुए बुलंद, बच्चे को कुचल जिंदा मिट्टी में दबाने का प्रयास
Read in your preferred language.

मामला उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र रामगंगा चौकी के पास अंगूरी टांडा का है, जहां पर सुबह 4:00 बजे खनन माफियाओं की ट्रैक्टर ट्राली से दबाने से 10 बर्स के बच्चे की मौत हो गई ।

बरेली में खनन माफिया इस तरह सक्रिय हैं जो कि दिन रात खनन माफिया बेखोपी के साथ रामगंगा से खनन कर रहे हैं इनके ट्रैक्टरों पर कोई भी रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं पढ़ा होता है इन पर आज तक कोई भी लगाम नहीं लगी सूत्रों की माने तो खनन माफिया बताते हैं कि हमारा पैसा ऊपर तक जाता है खनन माफियाओं के इस रवैया से पूरे सुभाष नगर में रेता से पठान किया जा रहा है कोई रोकथाम नहीं है खनन माफियाओं के ट्रैक्टर इस तरह सड़क पर फर्राटा भरते हैं जिसका कोई जवाब नहीं अगर कोई रास्ते में आ जाए तो वह जीवित नहीं रहेगा, इसी तरह की घटना आज फिर एक रामगंगा चौकी के पीछे टांडा गांव में हुई है जहां पर खनन माफियाओं का ट्रैक्टर फर्राटा भर रहा था वहीं पर एक बच्चे को आगे आ जाने से उसकी दर्दनाक हादसा हुआ है, परिवारवालों के मुताबिक जब ट्रैक्टर बच्चे के ऊपर चढ़ा था तो बच्चा जिंदा था लेकिन ट्रैक्टर वाले ड्राइवर ने उस बच्चे को जिंदा ही दफन कर दिया जब बच्चे के परिवार वालों को पता लगा तो उन्होंने बच्चे को गड्ढे से निकाला गया तो बच्चा मृत पाया गया, बच्चे के परिवार में मातम फैला हुआ है, समझने की बात तो यह है कि बच्चों के परिवार वालों ने अब तक थाना पुलिस को कोई कार्यवाही करने के लिए प्रार्थना पत्र नहीं दिया है और ना ही पुलिस को सूचना दी है ।

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक
-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं
कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.
-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g
आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ