Tuesday, 15 September 2026 | 1:06 PM
उत्तर प्रदेश

मैनपुरी : आज ग्राम रठेरा में मार्च महीने में साल 2023 की पहली अमावस्या की पदयात्रा निकाली गयी

आज दिनांक 21 मार्च 2023 अमावस्या के पावन पर्व पर होने वाली परिक्रमा का आयोजन मास्टर हेतराम के मंदिर से सुबह 6:30 पदयात्रा के शुरू हुई और इस बीच गांव व क्षेत्र केअधिक से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्राम रठेरा में कही स्थानों पर श्रद्धालुओं के प्रसाद के रूप में आज जगह जगह पर श्रद्धालुओं
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मैनपुरी : आज ग्राम रठेरा में मार्च महीने में साल 2023 की पहली अमावस्या की पदयात्रा निकाली गयी
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आज दिनांक 21 मार्च 2023 अमावस्या के पावन पर्व पर होने वाली परिक्रमा का आयोजन मास्टर हेतराम के मंदिर से सुबह 6:30 पदयात्रा के शुरू हुई और इस बीच गांव व क्षेत्र केअधिक से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्राम रठेरा में कही स्थानों पर श्रद्धालुओं के प्रसाद के रूप में आज जगह जगह पर श्रद्धालुओं के लिए ( पेठा सोनपपडी, पुड़िया सब्जी और उबले हुए चने) के रूप संदीप फौजी, बलराम भाई साहब और राजपाल सिंह भैयाजी नेबहुत ही अच्छा सहयोग किया और जुगल यादव अध्यापक ( हवेली) परिवार के सौजन्य से सभी श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर हलवा वितरण किया । और ये पदयात्रा पूरे गांव रठेरा घूमते हुई मास्टर हेतराम के मंदिर पर समाप्त हुई। एक फिर अनोखी पहल शुरू हुयी है ग्राम रठेरा में जो क्षेत्र में कही भी देखने को नहीं मिलती है और सबसे बड़ी बात ये है की इस पहल को गांव व क्षेत्र का सहयोग भी दिल खोल के मिल रहा है। आज से यात्रा में गांव व क्षेत्र के 200 से अधिक लोग उपस्थति रहे।

चैत्र अमावस्या क्या है जानते है
चैत्र अमावस्या के दिन शुभ और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. शुभ योग में दान और पितरों के निमित्त कार्य कार्य बिना बाधा के पूरे हो जाते हैं. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग अपने नाम स्वरूप हर काम को सफल बनाता है. साथ ही इस दिन मंगलवार होने से ये भौमवती अमावस्या भी कहलाएगी. ये साल की पहली भौमवती अमावस्या होगी. हिंदू धर्म में वैसे तो सभी अमावस्या का महत्व है लेकिन सोमवती अमावस्या, भौमवती अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है. इस अमावस्या पर भूत-प्रेत और अतृप्त आत्माएं काफी सक्रिय हो जाती है ऐसे में भौमवती अमावस्या संयोग नकारात्मक शक्तियों के अशुभ प्रभाव को कम करने में शुभफलदायी होगा. भौमवती अमावस्या के दिन हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. बजरंगबली की आराधना से बुरी शक्तियों का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-शांति आती है.

चैत्र अमावस्या के दिन क्या दान करें
वस्त्र दान - कहते हैं कि चैत्र अमावस्या पर ब्राह्मण को धोती और गमछा दान करने पर पितर बेहद प्रसन्न होते हैं. ऐसा करने पर साधक की नौकरी में आ रही बाधाएं दूर होती है और तरक्की के रास्ते खुलते हैं.
चैत्र माह की भौमवती अमावस्या पर दोपहर के समय मंगलदेव के 21 नामों का जाप करें. मंगल दोष के कारण जीवन में विवाह या वैवाहिक जीवन में समस्याएं चल रही है तो इस दिन लाल मीठी चीजों का दान करें.

द दस्तक 24

अर्पित यादव