Monday, 14 September 2026 | 11:46 PM
उत्तर प्रदेश

मैनपुरी; कानपुर ब्रांच नहर में मिली युवती की लाश, बंधे हुए थे हाथ-पैर

मैनपुरी के औंछा थाना क्षेत्र से होकर गुजर रही कानपुर ब्रांच नहर में बुधवार को मिले युवती के शव की शिनाख्त के लिए दो टीमें प्रयास कर रहीं हैं। युवती की हत्या करने के बाद हाथ पैर बांध कर नहर में फेंका गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि यदि 72 घंटा तक पहचान नहीं होती तो पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्क
Share:
मैनपुरी; कानपुर ब्रांच नहर में मिली युवती की लाश, बंधे हुए थे हाथ-पैर
Read in your preferred language.

मैनपुरी के औंछा थाना क्षेत्र से होकर गुजर रही कानपुर ब्रांच नहर में बुधवार को मिले युवती के शव की शिनाख्त के लिए दो टीमें प्रयास कर रहीं हैं। युवती की हत्या करने के बाद हाथ पैर बांध कर नहर में फेंका गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि यदि 72 घंटा तक पहचान नहीं होती तो पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार कराया जाएगा।

यहां मिली थी लाश
कानपुर ब्रांच नहर में झाल नगरिया के पास पचावर हैड किनारे बुधवार की शाम एक युवती का शव मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाने के बाद पहचान के प्रयास किए, लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी थी। शव करीब दो दिन पुराना लग रहा था। गले में दुपट्टा कसा था। चेहरे पर भी चोट के निशान थे। हाथ और पैर बंधे हुए थे।

आसपास के जिलों में भेजे गए फोटो
थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि दो टीमों को फोटो आदि के साथ आसपास के जनपद में पहचान के लिए भेजा गया है। वहीं सोशल मीडिया आदि माध्यम से भी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। यदि 72 घंटा तक शिनाख्त नहीं होती तो पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

REPORT: YOGESH KUMAR

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं

-आप ये इसलिए पढ़ रहे हैं क्योंकि आप अच्छी, समझदार और निष्पक्ष पत्रकारिता की कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.

-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g

आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ