लखनऊ सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने झांसी के डाकघरों से फर्जी चेकों से हुई 64 लाख की धोखाधड़ी मामले में 14 लोगों के खिलाफ मामाल दर्ज किया है। इन लोगों ने झांसी के प्रधान डाकघर और उप डाकघरों में फर्जी नाम-पते से बचत खाता खोलकर पैसे हड़पे थे। डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक बीके पांडेय की शिकायत पर सीबीआई ने जांच शुरू की है।
झांसी के सीनियर सुपरिटेंडेंट पोस्ट ऑफिसर बीके पांडेय ने 25 जुलाई 2022 को मामले की शिकायत सीबीआई से की थी।
जिसमें उन्होंने प्रधान डाकघर द्वारा जारी चेकों में डाकघर के कुछ तत्कालीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों से मिलीभगत से कूटरचना करके सरकारी धन का गबन करने का आरोप लगाया है।
इसके अलावा छह अन्य कर्मचारियों ने भी अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया था कि झांसी के प्रधान डाकघर व अन्य उप डाकघरों में अरुण कुमार, ए.कुमार, अनिल राजपूत के नामों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सात बचत खाते खुलवा कर धोखाधड़ी की गई।
डाकघर के अधिकारियों की जांच में प्रधान डाकघर के तत्कालीन सीनियर पोस्टमास्टर एवरन सिंह, तत्कालीन डाक सहायक अशोक कुमार, तत्कालीन उप डाकपाल हरदास वर्मा, तत्कालीन डाक सहायक अरविंद पटेल, तत्कालीन डिप्टी पोस्टमास्टर एके शांडिल्य, तत्कालीन कार्यवाहक सीनियर पोस्टमास्टर रशीद खान मंसूरी, अरुण कुमार, ए कुमार, अरुण कुमार, अनिल राजपूत, अनिल, मोहम्मद रईस, प्रतिपाल सिंह और रवि कुमार का नाम है।
उत्तर प्रदेश
लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने 14 लोगों के खिलाफ दर्ज की एफआईआर, धोखाधड़ी की जाँच शुरू की
लखनऊ सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच ने झांसी के डाकघरों से फर्जी चेकों से हुई 64 लाख की धोखाधड़ी मामले में 14 लोगों के खिलाफ मामाल दर्ज किया है। इन लोगों ने झांसी के प्रधान डाकघर और उप डाकघरों में फर्जी नाम-पते से बचत खाता खोलकर पैसे हड़पे थे। डाकघर के वरिष्ठ अधीक्षक बीके पांडेय की शिकायत पर सीबीआई ने
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