Monday, 14 September 2026 | 11:45 PM
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लखनऊ:प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनपद चित्रकूट में विरासत और विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ा रही : मुख्यमंत्री

लखनऊ: (द दस्तक 24 न्यूज़) 31 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज चित्रकूट जनपद के राजापुर स्थित संत तुलसीदास जी की जन्मस्थली में ‘तुलसी साहित्य समागम’ कार्यक्रम के दौरान शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली को नमन करते हुए चित्रकूट की पावन धरती को आध्यात्मिक, सांस्
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लखनऊ:प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार जनपद चित्रकूट में विरासत और विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ा रही : मुख्यमंत्री
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लखनऊ: (द दस्तक 24 न्यूज़) 31 जुलाई 2025 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज चित्रकूट जनपद के राजापुर स्थित संत तुलसीदास जी की जन्मस्थली में ‘तुलसी साहित्य समागम’ कार्यक्रम के दौरान शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली को नमन करते हुए चित्रकूट की पावन धरती को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

मुख्यमंत्री ने तुलसी जन्म कुटीर में दर्शन-पूजन कर मानस मंदिर में रखी गोस्वामी तुलसीदास जी की हस्तलिखित श्रीरामचरितमानस की पाण्डुलिपि का अवलोकन भी किया। उन्होंने कहा कि संत तुलसीदास जी ने अपने युग में सनातन धर्म की पुनर्स्थापना और लोक जागरण का अद्वितीय कार्य किया। उनके साहित्य ने गुलामी के अंधकार में भक्ति और चेतना की ज्योति जलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा,तुलसीदास जी ने किसी दरबार की सेवा न करके प्रभु श्रीराम के चरणों में अपने जीवन को समर्पित किया। उन्होंने भक्ति और शक्ति के अद्भुत संगम से जनचेतना को दिशा दी।

उन्होंने यह भी कहा कि चित्रकूट केवल एक स्थान नहीं, बल्कि वह भूमि है जहाँ प्रभु श्रीराम ने अपने वनवास का सर्वाधिक समय व्यतीत किया। चित्रकूट ने आदि महाकाव्य रामायण और श्रीरामचरितमानस को जन्म देने वाले ऋषियों को साधना का आधार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजापुर में यमुना घाट का सौंदर्यीकरण और रिवरफ्रंट निर्माण किया जाएगा, जिससे तीर्थाटन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉरीशस का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें विश्वभर में फैली हैं। वहाँ के लोग श्रीरामचरितमानस को जीवन का हिस्सा मानते हैं और रामलीला का मंचन भी करते हैं।

उन्होंने कहा:हमें विरासत और विकास को साथ लेकर चलना है। आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देने के लिए यह आवश्यक है कि हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत करें।

इस कार्यक्रम में जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज और कथा व्यास पूज्य मुरारी बापू की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने मुरारी बापू द्वारा तुलसी स्मृति को जीवंत रखने हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

कार्यक्रम में जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री श्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

चित्रकूट की इस ऐतिहासिक धरती से मुख्यमंत्री का संदेश था –

"श्रद्धा, संस्कृति और समर्पण के साथ भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाना हमारी जिम्मेदारी है।"