Tuesday, 15 September 2026 | 2:27 AM
उत्तर प्रदेश

लखनऊ: परिवहन विभाग ने जनता को दी बड़ी राहत, 2017–2021 के गैर-कर ई-चालान होंगे समाप्त

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक ऐतिहासिक और जन-हितैषी कदम उठाते हुए लाखों वाहन स्वामियों को राहत दी है। विभाग ने 2017 से 2021 तक बनाए गए गैर-कर (Non-Tax) ई-चालानों को समाप्त करने का फैसला किया है। इस निर्णय से उन वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके वाहन
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लखनऊ: परिवहन विभाग ने जनता को दी बड़ी राहत, 2017–2021 के गैर-कर ई-चालान होंगे समाप्त
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लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 16 सितम्बर 2025 उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने एक ऐतिहासिक और जन-हितैषी कदम उठाते हुए लाखों वाहन स्वामियों को राहत दी है। विभाग ने 2017 से 2021 तक बनाए गए गैर-कर (Non-Tax) ई-चालानों को समाप्त करने का फैसला किया है। इस निर्णय से उन वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके वाहन चालान के कारण फिटनेस, परमिट, ट्रांसफर और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) जैसी सेवाओं में अवरोध आ रहा था।

कौन से चालान होंगे समाप्त?

विभाग के अनुसार यह निर्णय केवल गैर-कर ई-चालानों पर लागू होगा। कोर्ट में लंबित चालान (2017–2021 तक दर्ज) – इन्हें “Disposed – Abated” श्रेणी में दिखाया जाएगा ऑफिस स्तर पर पेंडिंग चालान – यदि समय-सीमा पार हो चुकी है तो इन्हें “Closed – Time-Bar (Non-Tax)” श्रेणी में दिखाया जाएगा। इन सभी चालानों से जुड़े अवरोध स्वतः समाप्त हो जाएंगे। हालांकि, टैक्स से जुड़े चालान, गंभीर अपराध, दुर्घटना या IPC से जुड़े मामले इस राहत के दायरे से बाहर रहेंगे।

प्रक्रिया कितने दिनों में पूरी होगी?

परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यह पूरी प्रक्रिया 30 दिनों के भीतर पूरी कर दी जाएगी। पोर्टल पर एक महीने बाद वाहन स्वामी अपने ई-चालान की स्थिति देख सकेंगे। फ्रंट-एंड पर सभी ब्लॉक हट जाएंगे, जिससे वाहन स्वामी को सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। बैक-एंड पर पूरा रिकॉर्ड और ऑडिट ट्रेल सुरक्षित रहेगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

कितने ई-चालान प्रभावित होंगे?

आंकड़ों के अनुसार 2017 से 2021 के बीच 30.52 लाख ई-चालान बनाए गए थे। इनमें से 17.59 लाख चालानों का निस्तारण पहले ही हो चुका था। 12.93 लाख चालान लंबित थे, जिनमें से 10.84 लाख कोर्ट में लंबित, 1.29 लाख ऑफिस स्तर पर पेंडिंग थे। अब इन सभी का डिजिटल निस्तारण कर दिया जाएगा।

जनता को क्या करना होगा?

वाहन स्वामी को कोई अतिरिक्त प्रक्रिया पूरी नहीं करनी है। यदि आपका चालान 2017–2021 का है और पोर्टल पर अभी भी ब्लॉक या लंबित दिख रहा है, तो एक महीने बाद ई-चालान/परिवहन पोर्टल पर जाकर स्थिति जांचें।

कोर्ट वाले मामलों में – “Disposed – Abated” लिखा आएगा और सभी अवरोध हट जाएंगे। ऑफिस स्तर पर पेंडिंग मामलों में – “Closed – Time-Bar (Non-Tax)” लिखा आएगा और उनसे जुड़े ब्लॉक हट जाएंगे। मदद के लिए परिवहन विभाग की हेल्पलाइन 149 या नजदीकी एआरटीओ कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

परिवहन विभाग का कहना है कि यह निर्णय कई कारणों से जरूरी था—अनावश्यक चालानों से जनता को राहत, वाहन सेवाओं में सुगमता, नियमों का पालन सुनिश्चित करना

प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना

परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने कहा— “यह निर्णय कानूनन सही, जन-हितैषी और पारदर्शी प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। हमारा लक्ष्य है कि नागरिकों को सुगमता, सुरक्षा और सम्मानजनक सेवा अनुभव मिले। सभी अधिकारी और कर्मचारी तय समय-सीमा में शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें।”

निगरानी और पारदर्शिता

इस पूरी प्रक्रिया की प्रगति रिपोर्ट हर हफ्ते डैशबोर्ड पर डाली जाएगी। एनआईसी पोर्टल में तकनीकी बदलाव कर रहा है ताकि पूरा निस्तारण सुरक्षित और पारदर्शी रहे। टैक्स से जुड़ी देनदारियां, पहले से जमा जुर्माना और कोर्ट आदेश यथावत बने रहेंगे। इस कदम से लाखों वाहन मालिकों को बड़ी राहत मिलेगी और परिवहन सेवाओं में तेजी आएगी। यह फैसला न केवल प्रशासन की पारदर्शिता की मिसाल है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत करेगा।