Tuesday, 15 September 2026 | 12:27 AM
उत्तर प्रदेश

लखनऊ:अग्निवीर भर्ती में बेटियों का हौसला, देश को नई दिशा !

लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश भारतीय सेना में युवाओं की भागीदारी को लेकर शुरू की गई अग्निवीर भर्ती योजना अब एक नया अध्याय लिख रही है – जिसमें देश की बेटियां भी पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ शामिल हो रही हैं। हाल ही में लखनऊ आर्मी रिक्रूटमेंट ज़ोन में मेजर जनरल मनोज तिवारी (एडि
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लखनऊ:अग्निवीर भर्ती में बेटियों का हौसला, देश को नई दिशा !
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लखनऊ:(द दस्तक 24 न्यूज़) 08 जुलाई 2025 उत्तर प्रदेश भारतीय सेना में युवाओं की भागीदारी को लेकर शुरू की गई अग्निवीर भर्ती योजना अब एक नया अध्याय लिख रही है – जिसमें देश की बेटियां भी पूरे जोश और आत्मविश्वास के साथ शामिल हो रही हैं। हाल ही में लखनऊ आर्मी रिक्रूटमेंट ज़ोन में मेजर जनरल मनोज तिवारी (एडिशनल डायरेक्टर जनरल) की गरिमामयी उपस्थिति में अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक विशेष संवाद सत्र का आयोजन हुआ।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने भर्ती में हिस्सा लेने आई युवतियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने न सिर्फ उनके अनुभवों को जाना बल्कि उनके हौसले और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण को भी करीब से समझा। बेटियों के आत्मविश्वास और उनके जज़्बे ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब राष्ट्ररक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ बेटों की नहीं, बेटियों की भी बराबरी की भागीदारी है। प्रियंका मौर्या ने कहा, "यह सिर्फ एक भर्ती प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की सामाजिक सोच में हो रहे बदलाव की मजबूत मिसाल है। आज की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। सेना जैसी चुनौतीपूर्ण सेवा में उनकी भागीदारी, एक नए भारत की दिशा तय कर रही है।"

भर्ती में आई युवतियों ने बताया कि वे लंबे समय से इस अवसर का इंतज़ार कर रही थीं और इसके लिए उन्होंने शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक स्तर पर खुद को पूरी तरह तैयार किया है। कई अभ्यर्थियों ने कहा कि वे बचपन से ही सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखती थीं, जो अब साकार होने की ओर है।

इस मौके पर सेना अधिकारियों ने भी महिला उम्मीदवारों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना व्यक्त की। आयोजन स्थल पर बेटियों की उपस्थिति और उनका आत्मविश्वास यह साबित कर रहा था कि यह रिपोर्ट देश की बेटियों के बढ़ते आत्मबल और सेना में उनके बढ़ते कदमों की गवाही देती है। यह सिर्फ एक भर्ती नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव और समता की ओर बढ़ता एक सशक्त कदम है।