Monday, 14 September 2026 | 11:40 PM
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लखीमपुर खीरी : पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने ली शपथ

लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीएमओ कार्यालय के सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह संगोष्ठी 'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर आधारित रही, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी सीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा ने की। संगोष्ठी के दौरान पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझत
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लखीमपुर खीरी : पर्यावरण संरक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने ली शपथ
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लखीमपुर खीरी : (द दस्तक 24 न्यूज) विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीएमओ कार्यालय के सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष यह संगोष्ठी 'एक पेड़ मां के नाम' थीम पर आधारित रही, जिसकी अध्यक्षता प्रभारी सीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा ने की। संगोष्ठी के दौरान पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए उपस्थित सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को पर्यावरण जागरूकता, संरक्षण और संवर्धन को लेकर सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई। प्रभारी सीएमओ डॉ एसपी मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में पौधारोपण भी किया। प्रभारी सीएमओ डॉ. एसपी मिश्रा ने बताया कि ​संगोष्ठी में वक्ताओं ने वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की महत्ता, प्लास्टिक के बढ़ते दुरुपयोग से होने वाले नुकसान और जल संरक्षण जैसे बेहद संवेदनशील और गंभीर विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। उन्होंने कहा कि "पर्यावरण का सीधा संबंध हमारे स्वास्थ्य से है। 'एक पेड़ मां के नाम' मुहिम केवल एक पौधा लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिस तरह मां हमारा पालन-पोषण करती है, उसी तरह हमें भी इन पौधों को सींचकर बड़ा करना होगा। आज के समय में जल संरक्षण हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि हम आज पानी की हर एक बूंद को नहीं बचाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वास्थ्य और जीवन दोनों संकट में पड़ जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के हर कर्मचारी को अपने स्तर पर जल संचय को बढ़ावा देना होगा।

​डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा ने कहा कि "आज के समय में प्लास्टिक का अत्यधिक दुरुपयोग मानव स्वास्थ्य और प्रकृति दोनों के लिए एक धीमा जहर बन चुका है। सिंगल-यूज प्लास्टिक न केवल हमारी मिट्टी की उपजाऊ क्षमता को नष्ट कर रहा है, बल्कि नालियों और जल स्रोतों को चोक करके संक्रामक बीमारियों को भी न्योता दे रहा है। हमें तत्काल प्रभाव से प्लास्टिक का उपयोग बंद कर कपड़े या जूट के थैलों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना होगा।

​डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम ने कहा कि "पर्यावरण संरक्षण कोई एक दिन का काम नहीं है, बल्कि यह हमारी रोजमर्रा की आदतों का हिस्सा होना चाहिए। ग्लोबल वार्मिंग और मौसम चक्र में हो रहे बदलावों से बचने का एकमात्र रास्ता अधिक से अधिक पौधरोपण और उनका संरक्षण है। इसके साथ ही, हमें पानी की बर्बादी को रोकने के लिए जन-जागरूकता अभियान को और तेज करना होगा।
संगोष्ठी के दौरान मुख्य रूप से एसीएमओ डॉ. आर.एम. गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रमोद वर्मा, डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम, जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) हरिशंकर, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस अवसर पर न केवल खुद पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प लिया, बल्कि आम जनता को भी इसके प्रति प्रेरित करने की बात कही।