Monday, 14 September 2026 | 11:39 PM
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कोरबा : हड़ताल का जबरदस्त प्रभाव, सबसे बड़ी खदान गेवरा में पूर्णतः लाॅकडाउन… कुसमुंडा में सीआईएसएफ व श्रमिक नेताओं के बीच आपसी झड़प

कोरबा। देश के कोयला उद्योग में तीन दिवसीय हड़ताल का आगाज हो गया है। कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनियों से जो रिपोर्ट आ रही है इसके अनुसार हड़ताल को जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। सुबह 5 बजे से ही खदानों में श्रमिक संगठनों के लोगों ने घेराबंदी कर दी थी। इधर, एसईसीएल कुसमुंडा एरिया में सीआईएसएफ और श्रमिक
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कोरबा : हड़ताल का जबरदस्त प्रभाव, सबसे बड़ी खदान गेवरा में पूर्णतः लाॅकडाउन… कुसमुंडा में सीआईएसएफ व श्रमिक नेताओं के बीच आपसी झड़प
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कोरबा। देश के कोयला उद्योग में तीन दिवसीय हड़ताल का आगाज हो गया है। कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनियों से जो रिपोर्ट आ रही है इसके अनुसार हड़ताल को जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है। सुबह 5 बजे से ही खदानों में श्रमिक संगठनों के लोगों ने घेराबंदी कर दी थी। इधर, एसईसीएल कुसमुंडा एरिया में सीआईएसएफ और श्रमिक नेताओं के बीच बहस की स्थिति निर्मित हुई। श्रमिक नेता कामगारों से कार्य पर नहीं जाने का आग्रह कर रहे थे। सीआईएसएफ के एक इंस्पेक्टर ने श्रमिक नेताओं को रोकने की कोशिश की। इस पर सीटू के नेता वीएम मनोहर ने आपत्ति की। कुसमुंडा प्रोजेक्ट में कर्मचारियों की उपस्थिति लगभग नगण्य है।


एसईसीएल की गेवरा, दीपका परियोजना में भी हड़ताल सफलता की ओर है। बीएमएस नेता लक्ष्मण चन्द्रा ने बताया कि एसईसीएल के सबसे बड़े प्रोजेक्ट गेवरा में हड़ताल का खासा असर है। गिने चुने ही काम पर पहुंचे हैं। लगभग कामगार हड़ताल के समर्थन में हैं और यूनियन का साथ दे रहे हैं। खास बात यह है कि गेवरा, दीपका में अधिकरी हड़ताल को अपना मौन समर्थन दे रहे हैं। कोरबा एरिया में भी उपिस्थति नहीं के बराबर है। इंटक नेता गोपाल नारायण सिंह ने बताया हड़ताल सफलता की ओर है।

(ज़िला संवाददाता उत्सव यादव कोरबा छत्तीसगढ़)