Tuesday, 15 September 2026 | 2:28 AM
उत्तर प्रदेश

खटीमा:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की धान की रोपाई, किसानों के श्रम और समर्पण को किया नमन

(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 जुलाई 2025 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा क्षेत्र के नगरा तराई स्थित अपने पैतृक खेत में धान की रोपाई कर एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने न केवल धरती मां को नमन किया, बल्कि खुद खेत में उतरकर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को भी
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खटीमा:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की धान की रोपाई, किसानों के श्रम और समर्पण को किया नमन
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(द दस्तक 24 न्यूज़) 05 जुलाई 2025 उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को खटीमा क्षेत्र के नगरा तराई स्थित अपने पैतृक खेत में धान की रोपाई कर एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने न केवल धरती मां को नमन किया, बल्कि खुद खेत में उतरकर किसानों के परिश्रम, त्याग और समर्पण को भी सजीव रूप से अनुभव किया।

मुख्यमंत्री ने धान की पौध खुद अपने हाथों से रोपित करते हुए कहा कि "कृषि हमारी संस्कृति, सभ्यता और आत्मनिर्भरता की नींव है। किसानों का परिश्रम ही हमारे अन्न भंडारों को भरता है। मैं स्वयं किसान परिवार से हूं और आज खेत में आकर अपने पुराने दिनों की यादें ताजा हो गईं।"

पारंपरिक धोती-कुर्ता और गमछा पहने मुख्यमंत्री का यह रूप देखकर ग्रामीणों और किसानों में उत्साह और आत्मीयता का भाव जागा। मौके पर उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका स्वागत किया और मुख्यमंत्री के इस सादगीपूर्ण कार्य को प्रेरणादायक बताया।

मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर राज्य के किसानों की भलाई के लिए चल रही योजनाओं का भी उल्लेख किया और आश्वासन दिया कि सरकार कृषि के क्षेत्र में नवाचार, सिंचाई सुविधा, बीज वितरण और फसल सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि "किसानों की समृद्धि ही राज्य की समृद्धि है।"

मुख्यमंत्री का यह कदम न केवल जमीन से जुड़ाव दर्शाता है, बल्कि शासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की तरह कार्य करता है। वे स्वयं इस संदेश को दे रहे हैं कि कोई भी पद बड़ा नहीं, खेत और किसान से जुड़ाव ही सच्चा जनसेवा है।

निष्कर्षतः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की यह पहल न केवल एक प्रतीकात्मक कार्य रही, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं और नीति-निर्माताओं को भी यह सीख देती है कि विकास की जड़ें मिट्टी से जुड़ी हैं। उनके इस आत्मीय प्रयास ने निश्चित रूप से किसानों के सम्मान को एक नई ऊंचाई दी है।