Tuesday, 15 September 2026 | 3:52 AM
भारत

खार पुलिस स्टेशन ने फेक FIR दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी के खिलाफ दर्ज की मेरी शिकायत- सोमैया

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराने खार पुलिस स्टेशन गए थे। नेता ने ट्वीट कर बताया कि पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी पर मामला दर्ज कर लिया गया है। भाजपा नेता ने कहा, 'मुझे मारने वाले गुंडों को बचाने के लिए यह
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज कराने खार पुलिस स्टेशन गए थे। नेता ने ट्वीट कर बताया कि पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारी पर मामला दर्ज कर लिया गया है। भाजपा नेता ने कहा, 'मुझे मारने वाले गुंडों को बचाने के लिए यह आपराधिक साजिश है।'

एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि 23 अप्रैल को शोषण मामले में मुंबई पुलिस मेरा एक फर्जी FIR सर्कुलेट कर रही है। सोमवार शाम को सौमैया ने ट्वीट किया '23 अप्रैल को शोषण मामले में मुंबई पुलिस मेरा फर्जी FIR सर्कुलेट कर रही है। बांद्रा पुलिस स्टेशन में 23 अप्रैल को मेरा प्राथमिकी रजिस्टर करने से इंकार कर दिया गया अब मैं कल खार पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराउंगा।'
23 अप्रैल को सोमैया ने मुंबई पुलिस पर उनकी शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार को खार पुलिस स्टेशन के बाहर उनपर शिवसेना के सदस्यों ने हमला कर दिया था। उल्लेखनीय है कि खार पुलिस स्टेशन में राणा दंपत्ति से मिलने गए भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व सांसद किरीट सोमैया पर पथराव हुआ था जिसके लिए सोमैया ने शिवसेना को कसूरवार ठहराया है।

गिरफ्तार की गईं निर्दलीय सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के आवाज मातोश्री के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी। इसके बाद ही दंपति को हिरासत में ले लिया गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा करने वाली सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा को बांबे हाई कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ आइपीसी की धारा-353 के तहत दर्ज प्राथमिकी को रद करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि किसी के घर के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है। उनके कारण कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई थी। पुलिस की इस बात में तथ्य है। याचिकाकर्ता जन प्रतिनिधि हैं। इसलिए, उनकी जवाबदेही आम नागरिकों से ज्यादा है। ऐसे लोगों को बहुत ही सोच-समझकर बोलना चाहिए।