Tuesday, 15 September 2026 | 12:25 AM
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Kesari 2: ‘सरदार उद्धम’ और ‘वेकिंग ऑफ द नेशन’ से कितनी अलग हो सकती है अक्षय की फिल्म ?

13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर के जलियांवाला बाग में जो हुआ उसके बारे में दुनिया जानती है. ये एक ऐसा दिन था जो कभी कोई हिंदुस्तानी नहीं भूल सकता. जलियांवाला बाग में निहत्थे मासूम लोगों पर जिस तरह ब्रिटिश सरकार के जनरल रेजिनाल्ड डायर ने गोलियां चलाईं, वो भारत के इतिहास के सबसे काले पन्नों में शुमा
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Kesari 2: ‘सरदार उद्धम’ और ‘वेकिंग ऑफ द नेशन’ से कितनी अलग हो सकती है अक्षय की फिल्म ?
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13 अप्रैल 1919 को पंजाब के अमृतसर के जलियांवाला बाग में जो हुआ उसके बारे में दुनिया जानती है. ये एक ऐसा दिन था जो कभी कोई हिंदुस्तानी नहीं भूल सकता. जलियांवाला बाग में निहत्थे मासूम लोगों पर जिस तरह ब्रिटिश सरकार के जनरल रेजिनाल्ड डायर ने गोलियां चलाईं, वो भारत के इतिहास के सबसे काले पन्नों में शुमार है. जलियांवाला बाग में जो कुछ भी हुआ उसपर हिंदी सिनेमा में कई फिल्में बनी हैं. कई ऐसी भी फिल्में हैं, जिनमें वाहे-गवाहे जलियांवाला बाग का जिक्र किया गया, जैसे ‘रंग दे बसंती’ और ‘फिलौरी’. हालांकि, आज के परिदृश्य में जो फिल्में इस दिन को दिखा रही हैं, उनका नजरिया काफी अलग है.

आज की फिल्में जैसे ‘सरदार उद्धम सिंह’ और हाल ही में आई सोनी लिव की सीरीज ‘वेकिंग ऑफ अ नेशन’ में इस कत्लेआम को बहुत अलग एंगल से दिखाया गया है. अब अक्षय कुमार की फिल्म ‘केसरी चैप्टर 2’ रिलीज होने के लिए तैयार है. ये फिल्म भी इसी जलियांवाला बाग की कहानी को दिखाती है, लेकिन इसका भी ट्रीटमेंट अलग है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर अक्षय की फिल्म ‘केसरी’, ‘सरदार उद्धम’ और ‘वेकिंग ऑफ द नेशन’ से कितनी अलग है.

‘सरदार उद्धम’ का अप्रोच

शूजीत सरकार के डायरेक्शन में बनी सरदार उद्धम को कई लोग एक सिनेमैटिक मास्टरपीस मानते हैं. ये फिल्म कई मायनों में बहुत अलग स्टैंडाउट करती है. फिल्म को जिस तरह से प्रेजेंट किया गया है वो बॉलीवुड की बाकी बायोपिक से काफी अलग लगती है. फिल्म कहानी दिखाती है जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद के सरदार उद्धम और हत्याकांड के पहले के सरदार उद्धम की जिंदगी की. जिस तरह से इस फिल्म में विकी कौशल को दिखाया जाता है, उनके डायलॉग्स कई शोट्स में नहीं हैं, लेकिन फिर भी वो जिस तरह से एक्टिंग कर जाते हैं, वो अपने आप में किसी मास्टरक्लास से कम नहीं है. सरदार का पूरा कैरेक्टर स्टडी है ये फिल्म. ये फिल्म जलियांवाला बाग हत्याकांड को एक प्लॉट आर्मर की तरह इस्तेमाल करती है और कहानी की मेन फोकस सरदार की जिंदगी और उनमें आ रहे चेंजिस पर रहता है.

द वेकिंग ऑफ अ नेशन’

बात करते हैं सोनी लिव की सीरीज द वेकिंग ऑफ अ नेशन पर. ये सीरीज आम लोगों के बीच इतना पॉपूलर नहीं हो सकी, लेकिन जिन्होंने इस सीरीज को देखा है उनके लिए ये एक बढ़िया वॉच थी. द वेकिंग ऑफ अ नेशन, कहानी दिखाती है एक ऐसे एडवोकेट की जिसने ब्रिटिश सरकार के तरीकों की हमेशा पैरवी की है और एक दिन जलियावाला हत्याकांड होता है और उसके बाद उसे पता चलता है कि ये कोई अनजाने में लिया गया एक्शन नहीं बल्कि ब्रिटिश सरकार की एक सोची समझी साजिश थी, जिसके मास्टरमाइंड या फिर रिंग मास्टर (जो शो में कहा गया है) पंजाब के उस समय का गवर्नर माइकल ओ’ ड्वायर थे. कहानी है अंग्रेजी सरकार में एडवोकेट कांती लाल साहानी की. कांती को हत्याकांड की जांच के लिए बनाई गई कमेटी में जगह दी जाती है और वो धीरे-धीरे समझता है और फिर लोगों को समझाता है कि कैसे ये पूरी साजिश रची गई थी.

केसरी चैप्टर 2

अक्षय कुमार की फिल्म केसरी चैप्टर 2 की सबसे ज्यादा चर्चा है. फिल्म 18 अप्रैल को रिलीज हो रही है. फिल्म में अक्षय के साथ एक्ट्रेस अनन्या पांडे और आर.माधवन भी लीड रोल में हैं. इस फिल्म में अक्षय कुमार ने सी शंकरन नायर का किरदार निभाया है. वहीं अब फिल्म को सीबीएफसी से सर्टिफिकेट भी मिल गया है. केसरी 2 को A सर्टिफिकेट मिला है. फिल्म को करण सिंह त्यागी ने डायरेक्ट किया है. ये फिल्म कहानी दिखाती है जलियांवाला बाग के बाद के लीगल बैटल की. किस तरह एक भारतीय ने अंग्रेजी हुकुमत से लोहा लिया और फैक्ट्स को सामने रखा. ये फिल्म बेस्ड है रघु पैलट और पुष्पा पैलट की किताब- The Case that shook The Empire पर. अब इस फिल्म का बेसब्री से लोगों को इंतजार है. ऐसे में देखना होगा की केसरी किस तरह से जलियांवाला बाग की कहानी को रखती है.