Monday, 14 September 2026 | 11:59 PM
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केरल की 42 साल की मां और 24 साल के बेटे ने एक साथ पास की PSC परीक्षा

आपने सफलता की कई कहानियां पढ़ीं होंगी. लेकिन मां-बेटे की सफलता की यह कहानी तमाम कहानियों से हटके है. केरल के मलप्पुरम की एक 42 वर्षीय मां बिंदू और उसके 24 वर्षीय बेटे विवेक ने लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा एक साथ पास की है, जिसके बाद इस मां-बेटे की जोड़ी मीडिया की सुर्खियों में छाई हुई है. बिंदू का
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केरल की 42 साल की मां और 24 साल के बेटे ने एक साथ पास की PSC परीक्षा
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आपने सफलता की कई कहानियां पढ़ीं होंगी. लेकिन मां-बेटे की सफलता की यह कहानी तमाम कहानियों से हटके है. केरल के मलप्पुरम की एक 42 वर्षीय मां बिंदू और उसके 24 वर्षीय बेटे विवेक ने लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा एक साथ पास की है, जिसके बाद इस मां-बेटे की जोड़ी मीडिया की सुर्खियों में छाई हुई है. बिंदू का बेटा जब दसवीं कक्षा में था, तब उसे पढ़ने के लिए वह प्रोत्साहित किया करती थीं. इसी दौरान उन्होंने किताबें पढ़ना शुरू किया था. इसी पढ़ाई ने उन्हें केरल लोक सेवा आयोग (पीएससी) की परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया. बाद में मां-बेटे दोनों ने एक साथ कोचिंग जॉइन किया.
बिंदु के बेटे विवेक ने अपनी सफलता के बारे में कहा कि हम एक साथ कोचिंग में तैयारी करने के लिए गए. गर्व से अपने माता-पिता के बारे में बताते हुए विवेक आगे कहते हैं, मेरी मां ने मुझे यहां तक पहुंचाया है. इसके साथ ही मेरे पिता ने हमारे लिए सभी सुविधाओं की व्यवस्था की. हमें अपने शिक्षकों से बहुत प्रेरणा मिली. हम दोनों ने एक साथ पढ़ाई की, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि हम साथ क्वालिफाई करेंगे. हम दोनों बेहद खुश हैं.

आंगनबाड़ी शिक्षिका हैं बिंदू
बिंदू पिछले 10 वर्षों से आंगनबाड़ी शिक्षिका हैं. विवेक ने अपनी मां की पढ़ाई के बारे में बताते हुए कहा कि मां हमेशा पढ़ाई नहीं कर पाती थीं. वह समय मिलने पर और आंगनबाड़ी की अपनी ड्यूटी के बाद पढ़ाई कर पाती थीं. वहीं बिंदू ने बताया कि उन्होंने ‘लास्ट ग्रेड सर्वेंट’ (एलडीएस) परीक्षा पास की है और उनकी 92वीं रैंक आई है, जबकि उनके बेटे विवेक ने अवर श्रेणी लिपिक (एलडीसी) की परीक्षा उत्तीर्ण की है और उसकी 38वीं रैंक आई है.
बिंदू ने बताया कि उन्होंने एलडीएस के लिए दो बार और एलडीसी के लिए एक बार कोशिश की थी. यह उनका यह चौथा प्रयास था और यह सफल रहा. उनका वास्तविक लक्ष्य आईसीडीएस पर्यवेक्षक परीक्षा थी और एलडीएस परीक्षा पास करना एक ‘बोनस’ है.