Tuesday, 15 September 2026 | 8:22 AM
उत्तर प्रदेश

कन्नौज: बुद्धा पार्क का नाम बदलने के विरोध में युवा शाक्य संगठन का ज्ञापन, बौद्ध संस्कृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं

कन्नौज:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 छिबरामऊ मंगलवार को युवा शाक्य संगठन छिबरामऊ के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन के जरिए गंभीर आपत्ति जताई कि कानपुर नगर निगम द्वारा गौतम बुद्धा पार्क को शिवालय में बदलने की
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कन्नौज: बुद्धा पार्क का नाम बदलने के विरोध में युवा शाक्य संगठन का ज्ञापन, बौद्ध संस्कृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं
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कन्नौज:(द दस्तक 24 न्यूज़) 01 सितम्बर 2025 छिबरामऊ मंगलवार को युवा शाक्य संगठन छिबरामऊ के कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। संगठन ने ज्ञापन के जरिए गंभीर आपत्ति जताई कि कानपुर नगर निगम द्वारा गौतम बुद्धा पार्क को शिवालय में बदलने की कवायद की जा रही है, जो बौद्ध धर्मावलंबियों की भावनाओं पर गहरी चोट है।

युवा शाक्य संगठन ने इसे आस्था और ऐतिहासिक विरासत के साथ खुली छेड़छाड़ करार दिया। संगठन के पदाधिकारियों का कहना था कि गौतम बुद्धा पार्क केवल एक स्थल नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की सांस्कृतिक धरोहर और पहचान का प्रतीक है। इसे बदलने का कोई भी प्रयास बौद्ध धर्म और उसकी विरासत के प्रति असम्मान दर्शाता है।

ज्ञापन में संगठन ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि भविष्य में किसी भी बौद्ध स्थल, स्मारक या पार्क का नाम बदला न जाए और न ही उसके स्वरूप के साथ छेड़छाड़ की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कोशिशें की गईं तो इसे बौद्ध समाज के अस्तित्व और संस्कृति पर सीधा हमला माना जाएगा, जिसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

इस मौके पर संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि बौद्ध संस्कृति और पहचान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। कार्यकर्ताओं ने साफ संदेश दिया कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे लोकतांत्रिक तरीके से बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बुद्धा पार्क का नाम बदलने की खबर ने बौद्ध समुदाय के बीच असंतोष का माहौल पैदा कर दिया है। वहीं, संगठन का कहना है कि सरकार को इस संवेदनशील मुद्दे पर जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर बौद्ध धरोहर की रक्षा करनी चाहिए।