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अयोध्या फैसले से ठीक पहले देशभर में भाईचारे का संदेश देने में लगा आरएसएस
अयोध्या विवाद (Ayodhya Dispute) पर जैसे-जैसे देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) के फैसले की घड़ी करीब आती जा रही है, आरएसएस (RSS)ने देश भर में भाई-चारा (Brotherhood), सामाजिक सौहार्द और एकता के ताने-बाने को मजबूत करने पर देश व्यापी अभियान छेड़ दिया है. संघ ने अपील जारी कर कहा है कि फैसला किसी के
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अयोध्या विवाद (Ayodhya Dispute) पर जैसे-जैसे देश की सर्वोच्च अदालत (Supreme Court) के फैसले की घड़ी करीब आती जा रही है, आरएसएस (RSS)ने देश भर में भाई-चारा (Brotherhood), सामाजिक सौहार्द और एकता के ताने-बाने को मजबूत करने पर देश व्यापी अभियान छेड़ दिया है. संघ ने अपील जारी कर कहा है कि फैसला किसी के भी पक्ष में आए, सबको शांति से स्वीकारना चाहिए. सरसंघचालक मोहन भागवत (Mohan Bhagwat)< तक ये अपील तमाम समुदायों से कर चुके हैं. कुछ ऐसी ही मुलाकात दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास (Mukhtar Abbas Naqvi) नकवी के घर हुई. इस बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल और अखिल भारतीय सह संपर्क प्रमुख रामलाल की मौजूदगी में देशभर से आए 100 से ज्यादा मुस्लिम समुदाय के धार्मिक, समाजिक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया. दो घंटे तक चली इस बैठक में एक ही संकल्प लिया गया कि देश की एकता के ताने-बाने को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा.
इस बैठक मे संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल ने मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों को एक ही बात का भरोसा दिलाया कि संघ मुस्लिम समुदाय का विरोधी नहीं है. कृष्ण गोपाल ने वहां मौजूद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से पूछा कि क्या आपने कभी संघ के किसी भी शीर्ष नेता को उनके खिलाफ गलत भाषणा का इस्तेमाल करते सुना है. पूरे आरएसएस का इतिहास गवाह है कि मोहन भागवत हों या फिर पहले के संघ प्रमुख किसी ने भी मुस्लिम विरोधी बात नहीं की है. उन्होंने वहां मौजूद बुद्दिजीवियों को कहा कि वो सभी अपने-अपने राज्यों में जाएं तो वहां के दो शीर्ष संघ के नेताओं से मिलें और बातें करें.
- >अयोध्या विवाद: मौलाना अरशद मदनी बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करेंगे समर्थन<
आजादी के दौर की याद दिलाते हुए कृष्ण गोपाल ने कहा कि क्या ये जरूरी है कि मुसलमान ही मुसलमानों का नेतृत्व करे, क्या ये जरूरी है कि हिंदू ही हिंदूओं का नेतृत्व करे. ऐसा क्यों नहीं हो सकता कि हिंदू मुसलमानों को नेतृत्व करे और मुसलमान हिंदुओं का. बैठक में मौजुद अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल ने कहा कि देश के किसी क्षेत्र में दिए विवादास्पद बयानों या फिर घटना को संघ से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. हम सभी को लगातार मिलते रहना चाहिए. किसी को भी एक-दूसरे से डरने की जरूरत नहीं है.रामजन्मभूमि विवाद फैसले से पहले अयोध्या में शुरू हुई 14 कोसी परिक्रमा
जो फैसला आएगा उसे सबको मानना होगा
बैठक के बाद शिया धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ने कहा कि तय ये हुआ है कि जो फैसला आएगा उसे सबको मानना होगा. मुल्क में शांति बनाए रखना है. दरगाहों और मस्जिदों से शांति बनाए रखने की अपील की जाएगी. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कमाल फारुकी ने कहा कि बैठक अच्छी थी और कोर्ट जो भी फैसला सुनाएगा वो सबको मंजूर होगा. केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अनेकता में एकता के साथ-साथ पीएम मोदी के सबका साथ सबका विकास की बात कर मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों को संदेश दिया कि सरकार अल्पसंख्यक विरोधी नहीं. - अयोध्या विवाद: फैसले से पहले महंत नरेंद्र गिरी की साधु-संतों से संयम बरतने की अपील
फैसला आने तक संघ के शीर्ष नेता दिल्ली में मौजूद रहेंगे
बैठक में ऐसे लोगों से सावधान रहने की भी अपील की गई जो अपने स्वार्थों के लिए देश की एकता और सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की साजिश में लगे हुए हैं. संदेश साफ था कि अब संघ का सौहार्द का संदेश अब देश के कोने-कोने में पहुंचाने की कवायद तेज हो गई है. खास कर तब जब राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है. आरएसएस ने भी अपने तमाम प्रचारकों को आदेश दिया है कि वो अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में बने रहें. संघ के शीर्ष नेता खुद फैसले तक दिल्ली में मौजूद रहेंगे.